14 घंटे में हावड़ा से कामाख्या, शुरू हुई देश की पहली स्लीपर वंदे भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने हावड़ा-गुवाहाटी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। 958 किमी का सफर 14 घंटे में तय होगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन रेलवे की बड़ी उपलब्धि है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
- 14 घंटे में हावड़ा से कामाख्या तक 958 किमी का सफर, पूर्वोत्तर को बड़ी कनेक्टिविटी
- पीएम बोले- विकसित भारत की प्रगति और आधुनिक रेलवे का आईना है वंदे भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और 958 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करेगी। अभी इसी दूरी को तय करने में करीब 17 घंटे का समय लगता है।
प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें विकसित भारत का सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में हो रहे बदलावों को देखकर अब दुनिया भारत की प्रगति की सराहना कर रही है। यह ट्रेन बेहतर कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास की दिशा में बड़ा कदम है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं। किराए की बात करें तो यह ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा अधिक प्रीमियम श्रेणी की होगी। हावड़ा से गुवाहाटी तक थर्ड एसी का किराया करीब 2300 रुपये रखा गया है।
अब तक वंदे भारत ट्रेनें केवल चेयरकार में चल रही थीं, लेकिन स्लीपर वर्जन के शुरू होने से लंबी दूरी की रात की यात्रा पूरी तरह बदलने वाली है। खासकर पूर्वोत्तर भारत के यात्रियों के लिए यह ट्रेन आराम, रफ्तार और सुरक्षा का नया अनुभव देगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक इंटीरियर, भारतीय संस्कृति से प्रेरित डिजाइन और आरामदायक बर्थ दी गई हैं। ट्रेन में यूवीसी डिसइंफेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जो हवा में मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करती है। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो स्पीड और सिग्नल पर नजर रखता है। इसके साथ ही इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट भी दी गई है, जिससे यात्री जरूरत पड़ने पर सीधे स्टाफ से संपर्क कर सकेंगे।
ट्रेन की अधिकतम गति 180 किमी प्रति घंटा है, जबकि सामान्य संचालन में यह करीब 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। सफर के दौरान यात्रियों को प्रीमियम बेडरोल, कंबल, कैटरिंग सुविधा और शोर कम करने वाली तकनीक का लाभ मिलेगा।
Akhil Mahajan