वेट लॉस की दवाओं का बढ़ रहा है ट्रेंड, डॉक्टर से जानें इसके फायदे, नुकसान और इस्तेमाल का सही तरीका
वजन घटाने वाली दवाओं का चलन बढ़ रहा है, लेकिन इनके फायदे के साथ गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
➤ वेट लॉस दवाओं का बढ़ता ट्रेंड बना चिंता का विषय
➤ सेमाग्लूटाइड भूख कम कर वजन घटाने में मददगार
➤ बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना हो सकता है खतरनाक
नई दिल्ली। देश में बढ़ते मोटापे के साथ अब वजन कम करने वाली दवाओं का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। लोग एक्सरसाइज और डाइट की बजाय दवाओं का सहारा लेने लगे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वेट लॉस दवाओं में सेमाग्लूटाइड का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर में एक हार्मोन की तरह काम करता है। यह दिमाग के उस हिस्से को एक्टिव करता है जो भूख और पेट भरने के संकेत को नियंत्रित करता है। इससे व्यक्ति को जल्दी पेट भरा महसूस होता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
कैसे काम करती है दवा
यह दवा पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे लंबे समय तक संतुष्टि बनी रहती है। साथ ही यह ब्लड शुगर बढ़ने पर इंसुलिन का स्राव बढ़ाती है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को भी फायदा होता है।
कौन कर सकता है इस्तेमाल
डॉक्टरों के अनुसार, यह दवा हर किसी के लिए नहीं है।
- जिन लोगों का BMI बहुत अधिक है
- मोटापे से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं
- टाइप 2 डायबिटीज के मरीज
किन्हें नहीं लेनी चाहिए
- जिनके परिवार में थायरॉइड कैंसर का इतिहास हो
- MEN 2 सिंड्रोम से पीड़ित लोग
- पैनक्रियाज या किडनी की गंभीर बीमारी वाले मरीज
साइड इफेक्ट्स क्या हैं
यह कोई साधारण दवा नहीं बल्कि पावरफुल ट्रीटमेंट है। इसके साइड इफेक्ट्स में शामिल हैं:
- जी मिचलाना, उल्टी
- दस्त या कब्ज
- पेट में दर्द और ऐंठन
गंभीर मामलों में पैनक्रिएटाइटिस, गॉलब्लैडर की समस्या, डिहाइड्रेशन और किडनी डैमेज तक हो सकता है।
दवा बंद करने के बाद क्या होता है
रिसर्च के मुताबिक, दवा बंद करने के बाद वजन तेजी से वापस बढ़ सकता है। इसलिए इसे स्थायी समाधान नहीं माना जाता।
बिना डॉक्टर की सलाह लेना खतरनाक
भारत में यह दवा प्रिस्क्रिप्शन पर ही मिलती है। बिना डॉक्टर की सलाह इसे लेना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। गलत डोज शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।
लाइफस्टाइल बदलाव है जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि वेट लॉस दवाओं को शॉर्टकट समझना बड़ी गलती है। बिना डाइट और एक्सरसाइज के इनका असर स्थायी नहीं रहता।
लाइफस्टाइल सुधार से न सिर्फ वजन कम किया जा सकता है, बल्कि भविष्य में मोटापे से भी बचाव संभव है।
Akhil Mahajan