फतेहाबाद नगर परिषद मीटिंग में हंगामा, पार्षदों में तीखी बहस बजट बैठक में भिड़े पार्षद
फतेहाबाद नगर परिषद की बजट मीटिंग में पार्षदों के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाए गए।
■ फतेहाबाद नगर परिषद की बजट मीटिंग में जमकर हंगामा
■ पार्षदों के बीच तीखी बहस, फाइनेंस कमेटी सदस्य पर आरोप
■ विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर भड़का विवाद
फतेहाबाद नगर परिषद की हाउस मीटिंग मंगलवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब बजट और विकास कार्यों को लेकर पार्षदों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। मीटिंग में पार्षदों के बीच तू-तड़ाक इतनी बढ़ गई कि माहौल पूरी तरह गर्म हो गया और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
पार्षद निर्मल सिवाच ने फाइनेंस कमेटी के सदस्य अनिल गर्ग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों के विकास कार्यों में भेदभाव किया गया है और कुछ पार्षदों के काम प्राथमिकता से करवाए गए, जबकि बाकी के कामों को नजरअंदाज किया गया। सिवाच ने यहां तक कह दिया कि “अब प्रधान की गोदी में बैठ गया”, जिस पर गर्ग ने भी पलटवार करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी और साइन करने से इनकार कर दिया।

मीटिंग के दौरान अनिल गर्ग ने स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से ही साइन करेंगे और किसी के दबाव में नहीं आएंगे। इसके बाद माहौल और गरमा गया। पार्षदों ने एक-दूसरे पर खुलकर आरोप लगाए और बैठक में काफी देर तक शोर-शराबा चलता रहा।
इस दौरान पार्षद रमेश तूड़ीवाला, सुभाष नायक और रवि मेहता ने भी अपने-अपने वार्डों में विकास कार्य न होने का मुद्दा उठाया। पार्षदों का कहना था कि उनके क्षेत्रों में काम लंबित हैं और जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यह मीटिंग नगर परिषद के प्रधान राजेंद्र खिंची की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। शुरुआत में वार्डों के विकास कार्यों पर चर्चा हो रही थी, लेकिन कुछ ही देर में माहौल विवाद में बदल गया। पार्षदों ने अधिकारियों से भी जवाब मांगा और कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई।
निर्मल सिवाच का आरोप है कि फाइनेंस कमेटी के सदस्य बनने के बाद अनिल गर्ग ने केवल कुछ चुनिंदा पार्षदों के कामों को मंजूरी दी, जबकि अन्य के काम लंबित छोड़ दिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक्सईएन के तबादले के बाद अब विकास कार्य और अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
नगर परिषद के प्रधान राजेंद्र खिंची ने कहा कि सभी पार्षद उनके लिए बराबर हैं और हर वार्ड में विकास कार्य होंगे। उन्होंने माना कि पार्कों और चौक-चौराहों की स्थिति खराब है और कई काम अधूरे पड़े हैं। साथ ही यह भी बताया कि एक्सईएन के ट्रांसफर और ठेकेदारों के काम छोड़ने से भी दिक्कतें आ रही हैं।
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