अस्पताल की एनओसी देने के बदले 30 हजार रुपए रिश्वत लेते महिला क्लर्क को एसीबी ने रंगेहाथों दबोचा
यमुनानगर में अस्पताल की एनओसी देने के बदले 30 हजार रुपए रिश्वत लेते महिला क्लर्क को एसीबी ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज।
➤ एनओसी के बदले 30 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप
➤ एसीबी ने महिला क्लर्क को रंगेहाथ पकड़ा
➤ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
यमुनानगर में अस्पताल निर्माण से संबंधित एनओसी जारी करने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग में तैनात महिला क्लर्क दिव्या को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार करनाल जिले के गांव घरौंदा निवासी रिंकू यमुनानगर शहर के रेलवे रोड पर प्रभु अस्पताल का निर्माण कर रहा है। अस्पताल निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी अनिवार्य थी, जिसके लिए उसने विभाग में आवेदन किया था।
आरोप है कि क्लर्क दिव्या ने एनओसी जारी करने के बदले 30 हजार रुपए की मांग की और फाइल आगे बढ़ाने का दबाव बनाया। रिश्वत से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो को पूरे मामले की सूचना दी।
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत मंगलवार शाम को शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ क्लर्क के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने राशि अपने हाथ में ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी ने आरोपी महिला क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में विभाग के अन्य अधिकारी या कर्मचारी शामिल तो नहीं हैं।
Akhil Mahajan