सीएम सैनी ने 602 गोशालाओं को ₹68.34 करोड़ का अनुदान दिया सोनीपत में राज्यस्तरीय समारोह, गोसेवा को मिली बड़ी सौगात 2026-27 तक सभी गोशालाएं होंगी सौर ऊर्जा आधारित
सोनीपत में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की 602 गोशालाओं को ₹68.34 करोड़ का चारा अनुदान जारी किया। सौर ऊर्जा, गोसंवर्धन और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
■ सीएम नायब सैनी ने 602 गोशालाओं को ₹68.34 करोड़ का चारा अनुदान जारी किया
■ सोनीपत की 27 गोशालाओं को ₹5.60 करोड़, 2026-27 तक सभी होंगी सौर ऊर्जा आधारित
■ गोसेवा को आस्था नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी बताया; आमजन से सहयोग की अपील
सोनीपत जिले के गांव भटगांव स्थित धर्मार्थ गोशाला परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय गोशाला चारा अनुदान वितरण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशभर की 602 पंजीकृत गोशालाओं के लिए ₹68 करोड़ 34 लाख की चारा अनुदान राशि जारी कर बड़ी सौगात दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गोसेवा को भारतीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक दायित्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि सरकार गोशालाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मंत्री रणबीर गंगवा, मंत्री अरविंद शर्मा, सोनीपत विधायक निखिल मदान, गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान, खरखौदा विधायक पवन खरखौदा तथा पूर्व मेयर राजीव जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया और गोसेवा से जुड़े संगठनों ने उन्हें सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 602 पंजीकृत गोशालाओं के लिए जारी की गई राशि से चारे की व्यवस्था बेहतर होगी और बेसहारा गोवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि सोनीपत जिले की 27 पंजीकृत गोशालाओं को ₹5 करोड़ 60 लाख की अनुदान राशि दी गई है। पिछले सवा 11 वर्षों में प्रदेश की गोशालाओं को ₹525 करोड़ 75 लाख से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2014 तक प्रदेश में 215 पंजीकृत गोशालाएं थीं, जिनमें लगभग 1 लाख 75 हजार गोवंश था। वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 697 पंजीकृत गोशालाओं तक पहुंच गई है, जहां करीब 4 लाख बेसहारा गोवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 330 गोशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और लक्ष्य है कि वर्ष 2026-27 तक सभी पंजीकृत गोशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित कर दिया जाए। साथ ही गोशालाओं को मात्र 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
गोवंश के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पशु डॉक्टरों की नियमित ड्यूटी सुनिश्चित की गई है और मोबाइल पशु चिकित्सालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। बेसहारा गोवंश के पुनर्वास हेतु दो गो-अभ्यारण्यों की स्थापना की गई है, जहां हजारों गोवंश को सुरक्षित आश्रय दिया जा सकता है।
देसी नस्लों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हरियाणा, साहिवाल और बेलाही नस्ल की गायों के गोपालकों को 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इससे दुग्ध उत्पादन और नस्ल सुधार को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा गो-वध संरक्षण एवं गोसंवर्धन अधिनियम-2015 के तहत गोहत्या और अवैध तस्करी पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। उन्होंने सामाजिक और धार्मिक संगठनों, पंचायतों तथा युवाओं से गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि हरियाणा सरकार गोसेवा के कार्य में निरंतर समर्पित भाव से कार्य करती रहेगी।
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