गुरुग्राम की बिजली सप्लाई में अडानी की एंट्री की तैयारी: HERC में आवेदन, 70% लोगों ने किया समर्थन
अडानी समूह ने गुरुग्राम में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए HERC में आवेदन किया है। पब्लिक हियरिंग में 70% लोगों ने निजी बिजली सप्लाई का समर्थन किया। अब अंतिम फैसला आयोग करेगा।
➤ अडानी समूह ने गुरुग्राम में बिजली वितरण लाइसेंस के लिए HERC में आवेदन किया
➤ पब्लिक हियरिंग में करीब 70% लोगों ने निजी कंपनी के जरिए बिजली सप्लाई का समर्थन किया
➤ गुरुग्राम-नूंह में ₹4,716 करोड़ निवेश का प्रस्ताव, अंतिम फैसला आयोग करेगा
हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम की बिजली वितरण व्यवस्था में निजी क्षेत्र की बड़ी एंट्री का रास्ता खुलता नजर आ रहा है। अडानी समूह की बिजली वितरण कंपनी ने ग्रांट ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस के लिए हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) में औपचारिक आवेदन दाखिल किया है। यदि आयोग से मंजूरी मिलती है तो गुरुग्राम में सरकारी कंपनी के साथ निजी कंपनी भी बिजली आपूर्ति कर सकेगी।
इस प्रस्ताव को लेकर हुई पब्लिक हियरिंग में सामने आए फीडबैक के अनुसार करीब 70 प्रतिशत लोगों ने बिजली वितरण में निजी क्षेत्र की भागीदारी का समर्थन किया। हालांकि कर्मचारी संगठनों और विपक्ष ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति भी जताई है।
किस कानून के तहत किया गया आवेदन?
अडानी समूह की ओर से यह आवेदन इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2003 की धारा-14 और प्रोसीजर फॉर ग्रांट ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस रेगुलेशंस-2015 के तहत दाखिल किया गया है।
इसी दौरान इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने भी गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए आवेदन किया है। कंपनी का कहना है कि उसका उद्देश्य बिजली निगम का निजीकरण नहीं, बल्कि कानून के तहत समानांतर वितरण व्यवस्था लागू करना है।
₹4,716 करोड़ निवेश का प्रस्ताव
इलेवन पावर ने आयोग के समक्ष ₹4,716.73 करोड़ के निवेश की विस्तृत योजना भी पेश की है। इसमें ₹1,415.02 करोड़ इक्विटी निवेश और ₹3,301.71 करोड़ ऋण के माध्यम से जुटाने का प्रस्ताव शामिल है।
कंपनी ने 80 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा और 20 प्रतिशत तापीय ऊर्जा के मिश्रण, स्मार्ट मीटरिंग, डिजिटल बिलिंग, पारदर्शी टैरिफ और समयबद्ध शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने का भी दावा किया है।
क्या बंद हो जाएगा सरकारी बिजली निगम?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के निजीकरण का मामला नहीं है। यदि लाइसेंस मिलता है तो DHBVN पहले की तरह बिजली आपूर्ति जारी रखेगा।
नई कंपनी को अपना अलग बिजली वितरण नेटवर्क तैयार करना होगा। सरकारी निगम का मौजूदा नेटवर्क उसके उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं होगा। उपभोक्ताओं के पास अपनी पसंद की बिजली वितरण कंपनी चुनने का विकल्प हो सकता है।
विरोध भी शुरू, विपक्ष ने उठाए सवाल
हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री और इनेलो नेता संपत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी।
वहीं हरियाणा इंजीनियरिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पुनीत कुमार कुंडू ने भी निजी कंपनियों की एंट्री का विरोध करते हुए कहा कि कर्मचारी संगठन आयोग के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं और आगे भी विरोध जारी रहेगा।
अब आयोग के फैसले पर टिकी निगाहें
पब्लिक हियरिंग पूरी होने के बाद अब अंतिम निर्णय हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) को लेना है। यदि आयोग लाइसेंस मंजूर करता है तो गुरुग्राम हरियाणा का पहला ऐसा शहर बन सकता है, जहां सरकारी और निजी बिजली वितरण कंपनियां समानांतर रूप से सेवाएं देंगी।
Akhil Mahajan