भिवानी में नहर टूटी, 6 जिलों की जलापूर्ति पर असर: झज्जर समेत कई इलाकों में बिगड़ा जेएलएन कैनाल का शेड्यूल

भिवानी में नहर टूटने से जेएलएन कैनाल का शेड्यूल प्रभावित हो गया। झज्जर सहित छह जिलों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। विभाग ने 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा है।

भिवानी में नहर टूटी, 6 जिलों की जलापूर्ति पर असर: झज्जर समेत कई इलाकों में बिगड़ा जेएलएन कैनाल का शेड्यूल

भिवानी में नहर टूटने से जेएलएन कैनाल का शेड्यूल प्रभावित, छह जिलों पर असर

झज्जर, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, चरखी दादरी और भिवानी में पेयजल आपूर्ति प्रभावित

1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, एक सप्ताह में व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद


हरियाणा के भिवानी जिले में नहर टूटने के बाद जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) कैनाल का पूरा शेड्यूल प्रभावित हो गया है। इसका सीधा असर झज्जर, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और भिवानी के कुछ हिस्सों की पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था पर पड़ा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 जुलाई को कैनाल में पानी छोड़ा जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों से ऐसा नहीं हो सका, जिससे कई जिलों में जलापूर्ति प्रभावित होने लगी।

भिवानी में नहर टूटने से बिगड़ा पूरा सिस्टम

जानकारी के अनुसार भिवानी क्षेत्र में नहर क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां के जलघरों को भरने के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराना पड़ा। इसी वजह से डाउन स्ट्रीम के जिलों के लिए तय जलापूर्ति शेड्यूल गड़बड़ा गया।

इसका असर उन सभी जिलों पर पड़ा, जिनकी पेयजल व्यवस्था जेएलएन कैनाल पर निर्भर है। कई जगह जलघरों में पानी का स्तर घटने लगा, जिससे विभाग को उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग करना पड़ा।

झज्जर तक नहीं पहुंच पाया तय पानी

दक्षिणी हरियाणा की जीवन रेखा मानी जाने वाली 3541 क्यूसेक क्षमता की जेएलएन कैनाल से सामान्य दिनों में करीब 2800 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इनमें से झज्जर जिले को लगभग 500 क्यूसेक पानी मिलता है।

लेकिन पिछले कुछ दिनों से रोहतक तक केवल 500 क्यूसेक पानी ही पहुंच रहा था और वहीं उसका उपयोग किया जा रहा था। इसके कारण झज्जर तक पानी नहीं पहुंच सका और जिले के जलघरों में जल भंडारण लगातार कम होता गया।

अब छोड़ा गया 1000 क्यूसेक पानी

बुधवार सुबह सिंचाई विभाग ने जेएलएन कैनाल में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ दिया है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह पानी वीरवार दोपहर तक झज्जर पहुंच जाएगा।

हालांकि विभाग का कहना है कि केवल पानी पहुंचने से व्यवस्था तुरंत सामान्य नहीं होगी। पहले जलघरों को भरना होगा और उसके बाद नियमित जलापूर्ति बहाल की जाएगी। पूरी व्यवस्था सामान्य होने में अभी करीब एक सप्ताह का समय लग सकता है।

जल संकट टालने की कोशिश में विभाग

जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग का कहना है कि जिले की ग्रामीण जलापूर्ति काफी हद तक जेएलएन कैनाल पर निर्भर है। फिलहाल उपलब्ध पानी का संतुलित उपयोग कर लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि आगे कोई नई तकनीकी बाधा नहीं आती तो अगले सप्ताह तक जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

अधीक्षण अभियंता सतीश कुमार जनावा ने बताया कि भिवानी क्षेत्र में नहर टूटने के कारण वहां के जलघरों को भरने के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता पड़ी थी। इसी वजह से जेएलएन कैनाल का निर्धारित शेड्यूल प्रभावित हुआ। उन्होंने बताया कि अब 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है, जो वीरवार दोपहर तक झज्जर पहुंचने की संभावना है। इसके बाद जलघरों को भरकर नियमित जलापूर्ति शुरू की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार आगे और पानी छोड़ा जाएगा।