अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा को नम आंखों से अंतिम विदाई

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले हमीरपुर निवासी आदित्य शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा को नम आंखों से अंतिम विदाई

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय आदित्य शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ

➤ मां बेटे के शव से लिपटकर बिलख पड़ीं, पूरे गांव ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई

➤ मर्चेंट नेवी में पहली नौकरी मिलने के सात महीने बाद ही हादसे में चली गई जान


हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर उपमंडल के गांव भालू में गुरुवार को शोक का माहौल रहा। अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय आदित्य शर्मा का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी और पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

बेटे आदित्य की पार्थिव देह देखकर बेसुध हुई मां को सांत्वना देते रिश्तेदार।

जैसे ही आदित्य शर्मा की पार्थिव देह उनके पैतृक घर पहुंची, परिवार का दुख छलक पड़ा। मां सुषमा लखनपाल बेटे के शव से लिपटकर फूट-फूट कर रोती रहीं और कई बार बेसुध हो गईं। पिता राजेश शर्मा, दादी और अन्य परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। घर में जहां बेटे के लौटने की खुशियों का इंतजार था, वहां अचानक मातम पसर गया।

आदित्य शर्मा के घर पर उमड़ी भीड़।

अंतिम संस्कार के दौरान पूरे क्षेत्र से लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। "आदित्य शर्मा अमर रहे" के नारों के बीच उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम संस्कार की रस्म उनके चचेरे भाई पार्थ ने मुखाग्नि देकर पूरी की।

आदित्य शर्मा की पार्थिव देह को शमशानघाट ले जाते हुए स्थानीय लोग।

आदित्य शर्मा की पार्थिव देह बुधवार रात को हमीरपुर पहुंची थी। विदेश में कानूनी औपचारिकताओं और अन्य प्रक्रियाओं के कारण शव को भारत लाने में समय लगा, जिसके चलते हादसे के नौवें दिन उनका अंतिम संस्कार हो सका। गुरुवार सुबह हमीरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने ओमान में पोस्टमार्टम करवाने से इंकार कर दिया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया भारत में पूरी की गई।

आदित्य शर्मा। फाइल फोटो।

जानकारी के अनुसार, 9 जून को होर्मुज क्षेत्र में हुए अमेरिकी हमले में आदित्य शर्मा की मौत हो गई थी। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। परिवार को उनके सुरक्षित घर लौटने का इंतजार था, लेकिन यह इंतजार हमेशा के लिए अधूरा रह गया।

आदित्य शर्मा वर्ल्ड मैरिटाइम एनर्जी लिमिटेड के तेल टैंकर एमटी सेत्तेबेल्लो पर बतौर डेक कैडेट कार्यरत थे। यह उनकी पहली नौकरी थी। उन्होंने जालंधर से स्कूली शिक्षा प्राप्त की, इसके बाद चेन्नई से मर्चेंट नेवी का कोर्स किया और स्कॉटलैंड से नॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 24 नवंबर 2025 को उन्हें मर्चेंट नेवी में नौकरी मिली थी और परिवार को उनके उज्ज्वल भविष्य से काफी उम्मीदें थीं।

बताया जा रहा है कि हमले के समय जहाज पर सवार 21 भारतीय क्रू मेंबरों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन आदित्य शर्मा समेत तीन भारतीय नागरिकों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दुखद घटना ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।

अंतिम संस्कार के दौरान डीसी हमीरपुर गंधर्व राठौड़, एसडीएम नादौन सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।