हांसी रैली में अजय चौटाला का विवादित बयान, बोले—जैसा पड़ोसी देशों में हुआ, यहां भी नेताओं को कुर्सी से घसीटना पड़ेगा
हांसी में जेजेपी रैली के दौरान अजय चौटाला ने विवादित बयान देते हुए नेताओं को कुर्सी से घसीटने की बात कही। रैली में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अजय चौटाला का वनवास खत्म हो चुका है और वे भविष्य में चुनाव लड़ेंगे।
■ हांसी रैली में अजय चौटाला का विवादित बयान, नेताओं को कुर्सी से घसीटने की बात
■ दुष्यंत चौटाला बोले—अजय चौटाला का वनवास खत्म, अब लड़ेंगे चुनाव
■ रैली में कई राज्यों के नेता पहुंचे, रामपाल आश्रम को भी किया सम्मानित
हरियाणा के हांसी में शुक्रवार को जननायक जनता पार्टी (JJP) द्वारा आयोजित रैली में पार्टी सुप्रीमो अजय चौटाला के बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। अपने 65वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस रैली में अजय चौटाला ने मंच से विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जैसे भारत के पड़ोस में बदलाव हुआ और नेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया, वैसे ही यहां भी इन नेताओं को कुर्सी से घसीटकर हटाना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसके लिए लामबंद होने की अपील भी की।
अजय चौटाला ने अपने भाषण में बड़े उद्योगपतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज देश की व्यवस्था अंबानी और अडानी जैसे उद्योगपतियों के हाथों में चली गई है और सरकार के मंत्री उनके पैसों पर विदेशों में मौज उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब बदलाव का समय आ चुका है और जनता को संगठित होकर सत्ता परिवर्तन की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।
दुष्यंत चौटाला बोले—अजय चौटाला का वनवास खत्म
रैली में मौजूद पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अब अजय चौटाला का राजनीतिक वनवास खत्म हो चुका है। उन्होंने बताया कि जेबीटी भर्ती घोटाले में मिली सजा 2021 में पूरी हो चुकी है और अब उनके चुनाव लड़ने की राह साफ हो गई है। दुष्यंत ने कहा कि भविष्य में अजय चौटाला चुनाव लड़ेंगे और जेजेपी पार्टी देवी लाल की सोच और विचारधारा को आगे बढ़ाती रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विरोधियों को यह समझ लेना चाहिए कि ‘चाबी’ का दौर खत्म नहीं होने वाला। जिस तरह वर्ष 1985 में लोकदल ने हरियाणा में 85 सीटें जीतकर इतिहास रचा था, उसी तरह जेजेपी भी एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रही है।
भाषण के दौरान जुबान फिसली
रैली के दौरान अजय चौटाला की जुबान भी फिसल गई। उन्होंने अपने बेटे दुष्यंत चौटाला को जेजेपी की जगह इनेलो का युवा अध्यक्ष बता दिया। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई।
अन्य दलों के नेता भी पहुंचे
हांसी में आयोजित इस रैली में पंजाब और अन्य राज्यों से भी कई नेता पहुंचे। इनमें शिरोमणि अकाली दल से जुड़े पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा, पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह छोटेपुर, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और राजस्थान के विधायक रविंद्र सिंह भाटी शामिल रहे।
रैली के मंच से सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल महाराज को समाजसेवा के लिए सम्मानित भी किया गया। चूंकि रामपाल इस समय जेल में हैं, इसलिए उनके प्रतिनिधि को प्रतीक स्वरूप हल भेंट किया गया और आश्रम की ओर से अजय चौटाला को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी भेजी गईं।
राज्यसभा चुनाव पर भी दिया बयान
रैली के बाद मीडिया से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में अभी 72 घंटे का खेल बाकी है। उन्होंने कहा कि विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा और कांग्रेस दोनों के पास एक-एक सीट जीतने की ताकत है, लेकिन राजनीति में कई बार आखिरी समय में समीकरण बदल जाते हैं।
हांसी में रैली के पीछे दो बड़े कारण
जेजेपी ने इस रैली के लिए हांसी को इसलिए चुना क्योंकि हाल ही में हांसी को नया जिला बनाया गया है और यह यहां आयोजित होने वाली पहली बड़ी राजनीतिक रैली मानी जा रही है। इसके अलावा हांसी और आसपास के क्षेत्रों में चौटाला परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। दुष्यंत चौटाला जब लोकसभा सांसद बने थे तब हांसी क्षेत्र से उन्हें मजबूत समर्थन मिला था। यही कारण है कि पार्टी ने अजय चौटाला का जन्मदिन भी यहीं मनाने का फैसला किया।
अजय चौटाला का राजनीतिक सफर
अजय सिंह चौटाला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के पिता हैं। उन्होंने 1989 में राजस्थान के सीकर जिले की दातारामगढ़ सीट से पहली बार विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद वे 1993 में नोहर विधानसभा क्षेत्र से भी विधायक रहे।
वर्ष 1999 में वे भिवानी लोकसभा सीट से सांसद चुने गए और 2004 में हरियाणा से राज्यसभा सांसद बने। इसके बाद 2009 में वे हरियाणा के डबवाली विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने।
जेबीटी भर्ती घोटाले में मिली थी सजा
वर्ष 2013 में रोहिणी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में अजय चौटाला और उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला सहित अन्य आरोपियों को 10 साल की सजा सुनाई थी। बाद में कानूनी प्रक्रिया और सजा पूरी होने के बाद अब अजय चौटाला की राजनीतिक गतिविधियां फिर तेज होती दिखाई दे रही हैं।
Akhil Mahajan