बढ़ी तेल की कीमत से आम जन परेशान, हरियाणा सरकार को वैट घटा कर देनी चाहिए राहत: भूपेंद्र हुड्डा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और हरियाणा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने वैट कम कर जनता को राहत देने की मांग की।

बढ़ी तेल की कीमत से आम जन परेशान, हरियाणा सरकार को वैट घटा कर देनी चाहिए राहत: भूपेंद्र हुड्डा

भूपेंद्र हुड्डा ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा

कहा- रुपए की गिरती कीमत और बढ़ता वैट जनता पर डाल रहा बोझ

हरियाणा सरकार को वैट घटाकर राहत देने की दी सलाह


हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। रोहतक स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुड्डा ने कहा कि आम जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है, लेकिन सरकार राहत देने की बजाय लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।

भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले की तुलना में अब भी कम हैं, इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरती कीमत है। सरकार आर्थिक स्थिति संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती तेल कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन महंगा होने से रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

हुड्डा ने हरियाणा सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करके जनता को राहत देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को समझने की बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और रोजगार की कमी के कारण प्रदेश में प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो गया है। उद्योगों और छोटे कारोबारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। सरकार के पास इन समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं है।

भूपेंद्र हुड्डा ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति लगातार खराब हो रही है, लेकिन सरकार केवल घोषणाएं करने तक सीमित है।

इस दौरान पत्रकारों ने जब पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा के समापन कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर सवाल पूछा तो हुड्डा ने कहा, “ये मेरी मर्जी है कि मैं कहीं जाऊं या ना जाऊं।” उन्होंने वरिष्ठ नेता बीरेंद्र सिंह को लेकर कहा कि वे अब बुजुर्ग हो चुके हैं और अगर वे उनके बारे में कुछ कहते हैं तो वह सब माफ है।

हुड्डा ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अलग होते हैं। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता सरकार को जवाब देगी और प्रदेश में बदलाव होगा।