लोकतांत्रिक विकास पर जोर, अंबेडकर को किया नमन
पानीपत में अंबेडकर जयंती पर श्री वाल्मीकि महासभा ने विचार गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें सामाजिक न्याय और विकास पर कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
■ अम्बेडकर जयंती पर पानीपत में विचार गोष्ठी आयोजित
■ सामाजिक न्याय और विकास पर वक्ताओं ने रखे विचार
■ कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां रहीं मौजूद
पानीपत में डॉ. भीमराव अंबेडकर की स्मृति में श्री वाल्मीकि महासभा द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया और सामाजिक न्याय, समानता व विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद और श्री वाल्मीकि महासभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश पवन कुमार ने कहा कि हाशिये पर खड़े बहुसंख्यक समाज का आर्थिक और सामाजिक विकास किए बिना लोकतांत्रिक विकास के कोई मायने नहीं रह जाते। उन्होंने डॉ. अंबेडकर को भारत राष्ट्र का महान सपूत बताते हुए उनके विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।
महान विभूतियों को मिलकर मनाने का आह्वान
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय चिंतक राजेश कुमार ने कहा कि महान विभूतियों के जन्म दिवस सभी को मिलकर मनाने चाहिए, ताकि समाज में एकता और जागरूकता बढ़े।
सामाजिक न्याय पर हुई चर्चा
गोष्ठी में वक्ताओं ने विकसित भारत के परिप्रेक्ष्य में सामाजिक न्याय की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को बराबरी का अवसर मिलना जरूरी है, तभी देश का समग्र विकास संभव है।
इन प्रमुख लोगों ने रखे विचार
कार्यक्रम में मेयर पति दिनेश सैनी, साहब सिंह रंगा, मुकेश बोस, नरेशानंद जी, नवल जिंदल, प्राण रत्नाकर, महेंद्र कंसल और उद्योगपति सुरेश काबरा सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन ज्योति भाटिया ने किया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस दौरान बसंत बोहत, सन्नी, राजीव रिडलान, समालखा से पार्षद विनोद, बनारसी जानी, रविंद्र विनोद मंडल, सुरेश कागड़ा, सदानंद और सत प्रकाश वैद्य सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
pooja