पानीपत में यमुना नदी में डूबने से पिता-पुत्री की मौत, डूबती बेटी को बचाते हुए पिता की गई जान, बचाने कूदी बड़ी बेटी भी डूबी

पानीपत में यमुना नदी में नहाने गए परिवार में दर्दनाक हादसा हो गया। डूबती बेटी को बचाते हुए पिता और उन्हें बचाने गई बड़ी बेटी की डूबने से मौत हो गई।

पानीपत में यमुना नदी में डूबने से पिता-पुत्री की मौत,  डूबती बेटी को बचाते हुए पिता की गई जान, बचाने कूदी बड़ी बेटी भी डूबी

➤यमुना में डूबती बेटी को बचाते हुए पिता की मौत

➤पिता को बचाने कूदी 13 साल की बेटी भी गहरे पानी में डूबी

➤पानीपत में परिवार की पिकनिक पलभर में मातम में बदली


हरियाणा के पानीपत जिले में शनिवार को यमुना नदी में नहाने गए एक परिवार की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। डूबती हुई 6 साल की बेटी को बचाने के दौरान पिता और बड़ी बेटी की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परिवार में चीख-पुकार मच गई।

मृतकों की पहचान मनोज (45) और उनकी 13 वर्षीय बेटी चांदनी के रूप में हुई है। मनोज मूल रूप से बिहार के पटना के रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से परिवार के साथ पानीपत में रह रहे थे। वह ईंट भट्टे और निजी कंपनी में काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को छुट्टी होने के कारण मनोज अपने पांच बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यमुना नदी पर नहाने और समय बिताने पहुंचे थे। परिवार नदी में स्नान कर रहा था कि तभी उनकी सबसे छोटी बेटी कैरा (6) अचानक गहरे पानी में जाने लगी और डूबने लगी।

बेटी को डूबता देख पिता मनोज बिना अपनी जान की परवाह किए तुरंत नदी में कूद गए। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए किसी तरह छोटी बेटी को पानी से बाहर निकालकर सुरक्षित किनारे तक पहुंचा दिया।

लेकिन बेटी की जान बचाने के दौरान मनोज खुद बुरी तरह थक चुके थे। तेज बहाव और गहराई के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी की तरफ बहने लगे।

किनारे पर खड़ी उनकी बड़ी बेटी चांदनी ने जब अपने पिता को डूबते देखा तो वह खुद को रोक नहीं सकी। पिता को बचाने के लिए वह भी तुरंत पानी में उतर गई। चांदनी अपने पिता तक पहुंच भी गई, लेकिन तेज बहाव और गहरे पानी में दोनों का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते पिता और बेटी दोनों नदी में डूब गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के सदस्य और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों को नदी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया है और मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।