ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं, जरूरत पड़ी तो ‘सिंदूर 2.0’ के लिए तैयार हैं तीनों सेनाएं: आर्मी चीफ
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। जरूरत पड़ने पर भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना सिंदूर 2.0 के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
➤ आर्मी चीफ बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है
➤ जरूरत पड़ने पर ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए तैयार हैं तीनों सेनाएं
➤ NDA की 150वीं पासिंग आउट परेड में कैडेट्स को दिया बड़ा संदेश
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। फिलहाल भारत और पाकिस्तान के बीच केवल संघर्षविराम जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
जनरल द्विवेदी शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे स्थित खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की 150वीं पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। उन्होंने रिव्यूइंग ऑफिसर के रूप में 355 कैडेट अधिकारियों की परेड की सलामी ली और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह बेंचमार्क तय कर दिया है कि भारत किसी भी उकसावे का जवाब किस तरह देता है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि वे अपने सैन्य करियर की शुरुआत से ही इस मानक को बनाए रखने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध अब पूरी तरह पारदर्शी हो चुका है। दुनिया की नजर हर गतिविधि पर रहती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, सैन्य अभियानों और सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जनरल द्विवेदी ने इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर को भी आधुनिक युद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि जीत पहले दिमाग में हासिल होती है, जमीन पर बाद में दिखाई देती है। किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसके नागरिकों और संस्थाओं के बीच विश्वास होता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रहेंगे। आने वाले समय में मल्टी डोमेन वॉरफेयर का दौर होगा, जिसमें जमीन, समुद्र, हवा, अंतरिक्ष, साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव क्षेत्र शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन युद्ध की रणनीतियों में अहम भूमिका निभाने वाले हैं।
सेना प्रमुख ने अपने चर्चित विजन "ईगल ऑन द आर्म" का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर सैनिक को ड्रोन संचालन में दक्ष बनाना सेना का लक्ष्य है। इसके लिए विभिन्न सैन्य अकादमियों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
अगले 2-3 साल में लागू हो सकता है थिएटर कमांड सिस्टम
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों में थिएटर कमांड व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे संबंधित रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप दी गई है और विभिन्न स्तरों पर इसकी समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख अपने-अपने संसाधनों और तैयारियों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि थिएटर कमांडर संयुक्त सैन्य अभियानों का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन वर्षों में यह व्यवस्था जमीन पर दिखाई देने लगेगी।
355 कैडेट्स हुए पासआउट
NDA की 150वीं पासिंग आउट परेड में 355 कैडेट्स भारतीय सशस्त्र बलों में कमीशन हुए। इस बैच में 12 मित्र देशों के 24 कैडेट भी शामिल रहे। इसके अलावा 18 महिला कैडेट्स भी इस ऐतिहासिक बैच का हिस्सा बनीं।
परेड के दौरान Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने शानदार फ्लाईपास्ट कर कैडेट्स का उत्साह बढ़ाया।
सेना कर रही है खुद को आधुनिक
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना "डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन" पहल के तहत खुद को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और तकनीक आधारित सैन्य बल में बदल रही है। सेना नई तकनीक, ड्रोन क्षमता, स्वदेशी हथियार प्रणालियों और आधुनिक युद्धक संरचनाओं पर तेजी से काम कर रही है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारतीय सेना ने 6 और 7 मई 2025 की रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। इस अभियान में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सक्रिय नौ प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। भारतीय सेना के अनुसार इस ऑपरेशन में 100 से अधिक पाकिस्तानी जवान और कई आतंकवादी मारे गए थे। बाद में 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा हुई थी।
Akhil Mahajan 