स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 7 अस्पतालों में PNDT के तहत छापेमारी
भिवानी में स्वास्थ्य विभाग ने पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत 7 निजी अस्पतालों में छापेमारी कर अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड की जांच की। सभी अस्पतालों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई।
➤ भिवानी के 7 निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की औचक रेड
➤ अल्ट्रासाउंड और PNDT रिकॉर्ड की गहन जांच की गई
➤ लिंग जांच में गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
भिवानी में लिंगानुपात सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बड़ा अभियान चलाया। पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के सात प्रमुख निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर अल्ट्रासाउंड और उससे संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।
जिला प्रशासन की ओर से लिंगानुपात में सुधार को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में डीसी साहिल गुप्ता के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने शहर में विशेष छापेमारी अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाना और पीसी-पीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पंवार हॉस्पिटल, गुलिया हॉस्पिटल, पूनिया मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम, गोयल नर्सिंग होम, इंद्रजीत हॉस्पिटल, भिवानी हार्ट हॉस्पिटल और भीष्म हॉस्पिटल का दौरा किया।
टीम ने अस्पतालों में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीनों, मरीजों के रिकॉर्ड और पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत रखे जाने वाले दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अन्नू चौधरी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड से संबंधित रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। जांच के दौरान रिकॉर्ड सही पाए गए और किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पताल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि भविष्य में किसी भी स्तर पर लिंग जांच या उससे जुड़े गैर-कानूनी कार्यों की जानकारी मिलती है तो संबंधित संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अन्नू चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी केवल निजी अस्पतालों तक सीमित नहीं है। जिले के सभी निजी और सरकारी चिकित्सा संस्थानों पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने और जिले के लिंगानुपात को बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे।
भिवानी प्रशासन पिछले कुछ समय से जिले में लिंगानुपात सुधारने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई भी उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि नियमित निरीक्षण और कानून के सख्त पालन से भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
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