भूपेंद्र मलिक ने की इनेलो में वापसी

सोनीपत की सियासत में बड़ा बदलाव, भूपेंद्र मलिक ने भाजपा और जजपा छोड़कर इनेलो में वापसी की। अभय चौटाला ने हुड्डा पर प्रदेश को बेचने का आरोप लगाया। 25 सितंबर की देवीलाल जयंती रैली पर सबकी निगाहें।

भूपेंद्र मलिक ने की इनेलो में वापसी

अभय चौटाला बोले- हुड्डा ने प्रदेश को बेचा
➤ 25 सितंबर की देवीलाल जयंती रैली बनी सियासी परीक्षा


सोनीपत। हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बरौदा विधानसभा हलके के नेता भूपेंद्र सिंह मलिक ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में घर वापसी कर ली। वे इससे पहले कांग्रेस, जजपा और भाजपा में रह चुके हैं। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने मलिक के जुड़ने से संगठन को और मजबूत होने का दावा किया।

इनेलो ज्वाइन करते ही मलिक ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों दल "सांपनाथ और नागनाथ" हैं जो जनता को गुमराह कर रहे हैं। कांग्रेस ने विपक्ष की भूमिका खो दी है और भाजपा के साथ मिलकर समझौता कर लिया है। वहीं दुष्यंत चौटाला की जजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अपनी नीतियों के चलते पार्टी ने खुद का खात्मा कर लिया।

अभय चौटाला पर भरोसा जताते हुए मलिक ने कहा कि वे ही असली संघर्षशील नेता हैं, जो बिना भेदभाव के चौधरी देवीलाल की विचारधारा पर चलते हुए 36 बिरादरी को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि अब केवल "हरा झंडा" ही रहेगा और 25 सितंबर को रोहतक में होने वाली देवीलाल जयंती रैली में हजारों लोग शामिल होंगे।

इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने मंच से कांग्रेस और भाजपा दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि SYL नहर, बिजली दरों और किसानों की समस्याओं पर दोनों दलों की चुप्पी साफ करती है कि वे जनता के मुद्दों से दूर हो चुके हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश की जमीन को बेचने का काम किया है, खासकर सोनीपत की कीमती जमीन को "एजुकेशन सिटी" के नाम पर।

25 सितंबर की रैली को लेकर चौटाला ने दावा किया कि यह कांग्रेस और भाजपा दोनों की "चिता के फूल" खोल देगी। उन्होंने कहा कि इनेलो के पुराने कार्यकर्ता एक-एक करके वापसी कर रहे हैं और यह रैली पार्टी की ताकत को और दिखाएगी।

भूपेंद्र मलिक का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है। वे मूल रूप से भैंसवाल कलां गांव के रहने वाले हैं और गोहाना में रहते हैं। लंबे समय तक कांग्रेस में सक्रिय रहे और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा परिवार से नजदीकियां रहीं। वे गोहाना मार्केट कमेटी के चेयरमैन भी रहे। 2019 में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर जजपा से बरोदा विधानसभा चुनाव लड़ा और तीसरे स्थान पर रहे। बाद में वे जजपा के राष्ट्रीय सचिव बने और 2019 में सोनीपत लोकसभा चुनाव लड़ा, जहां उन्हें महज 7820 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई।

इसके बाद उन्होंने भाजपा ज्वाइन की लेकिन सक्रिय राजनीति से किनारा कर लिया। बीच में निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन भी किया। अब 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर इनेलो में लौट आए हैं।