CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता सौरभ दास पर POCSO केस: जंतर-मंतर प्रदर्शन में ना*बा*लिगों को शामिल करने के आरोप में FIR
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सौरभ दास के खिलाफ सिलीगुड़ी में POCSO और BNS की धाराओं में FIR दर्ज हुई। मामला 20 जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन में नाबालिगों को शामिल करने के आरोप से जुड़ा है।
➤ सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में अभिजीत दीपके और सौरभ दास समेत अन्य आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज
➤ 20 जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन में नाबालिगों को शामिल करने के आरोप, POCSO और BNS की धाराओं में कार्रवाई
➤ शिकायत अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने दर्ज कराई, पुलिस ने जांच शुरू की
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी के सह-समन्वयक (को-कन्वीनर) एवं प्रवक्ता सौरभ दास की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह की शिकायत पर दोनों समेत अन्य आयोजकों के खिलाफ POCSO Act की धाराओं 13, 14 और 15 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों को शामिल किए जाने को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है।
यह मामला 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार प्रदर्शन में स्कूली छात्रों और करीब 12 वर्ष की एक नाबालिग बच्ची को आगे रखा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस तरह नाबालिगों को राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल करना गंभीर कानूनी उल्लंघन है और इसी आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिवक्ता ने उठाए कई सवाल
शिकायत में यह भी सवाल उठाया गया है कि प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों को किसकी अनुमति से लाया गया और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी। साथ ही प्रदर्शन के आयोजन और उसके वित्तीय स्रोतों को लेकर भी जांच की मांग की गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पहले भी प्रदर्शन को लेकर दर्ज हो चुके हैं मामले
इससे पहले भी जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर कुछ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आरोप में अलग-अलग FIR दर्ज की जा चुकी हैं। उन मामलों को लेकर अभिजीत दीपके ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चयनात्मक कार्रवाई बताया था।
CJP की ओर से क्या कहा गया?
हाल के दिनों में अभिजीत दीपके ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए थे और उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग की थी। हालांकि, इस POCSO मामले में FIR दर्ज होने के बाद अभिजीत दीपके और सौरभ दास की ओर से इस विशेष शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
Akhil Mahajan