गुंडे भेजकर युवाओं से मंगवा रहे माफी,मोदी-शाह पर राहुल का निशाना, प्रदर्शनकारियों के साथ की प्रेस कांफ्रेंस

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि 15 वर्षीय बच्ची से दबाव बनाकर माफी मंगवाई गई। मामले को लेकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

गुंडे भेजकर युवाओं से मंगवा रहे माफी,मोदी-शाह पर राहुल का निशाना, प्रदर्शनकारियों के साथ की प्रेस कांफ्रेंस

20 जुलाई के संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्रवाई पर उठाए सवाल
छात्रों ने हिरासत, लाठीचार्ज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए


लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को निशाने पर लिया। उन्होंने दस जनपथ पर विभिन्न राज्यों से आए प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की। इस दौरान मुंबई की चर्चित प्रदर्शनकारी रिया अहीर समेत कई छात्र-छात्राएं मंच पर मौजूद रहीं।

प्रदर्शनकारियों के साथ राहुल गांधी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस. (Photo: PTI)

राहुल गांधी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं के साथ उनकी विस्तृत बातचीत हुई है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी छात्र ने हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया। इसके बावजूद उन्हें धमकाया गया, उन पर लाठीचार्ज किया गया और डराने की कोशिश की गई। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इन सभी युवाओं पर गर्व है और किसी भी प्रदर्शनकारी को किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया।

उन्होंने छात्रों की मौजूदगी में कहा कि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उन्होंने किसी प्रकार की हिंसा नहीं की, लेकिन उनके साथ मारपीट की गई और लाठियां चलाई गईं। राहुल गांधी ने कहा कि जब किसी भी नागरिक के साथ अन्याय होता है तो लोकतंत्र में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह उसके साथ खड़ा हो। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने साहस दिखाया है और न्याय की लड़ाई लड़ी है।

15 वर्षीय बच्ची का भी किया जिक्र

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक 15 वर्षीय बच्ची का जिक्र करते हुए कहा कि उसके घर लोगों को भेजकर उससे माफी मंगवाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे पर इस तरह का दबाव बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर भी साधा निशाना

राहुल गांधी ने कहा कि ये छात्र बेहद हिम्मती हैं, जो खुलकर मीडिया के सामने अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे इसी तरह मीडिया के सामने आकर सवालों का सामना करें।

रिया अहीर ने प्रताड़ना के लगाए आरोप

मुंबई की प्रदर्शनकारी रिया अहीर ने कहा कि उन्होंने 20 जुलाई को कई छात्रों को कथित रूप से गैरकानूनी हिरासत में लिए जाने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने मीडिया से अपील की कि पूरे मामले को निष्पक्ष तरीके से देखा जाए।

रिया अहीर ने आरोप लगाया कि आंदोलन के बाद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं और उनकी छवि खराब करने का प्रयास हो रहा है। रिया ने बताया कि उन्होंने 27 जुलाई को इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक उन्हें एफआईआर की प्रति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि बेटियों को पढ़ने और आगे बढ़ने से रोकने का माहौल बनाया जा रहा है।

नूतन टोप्पो ने पेलेट गन से चोट लगने का दावा किया

प्रदर्शनकारी नूतन टोप्पो ने दावा किया कि उन्होंने घटनास्थल पर पेलेट गन देखी थी। उनका कहना था कि जब वह मुड़ीं तो पीछे से फायर हुआ और उन्हें विश्वास है कि उन्हें पेलेट गन से ही चोट लगी। उन्होंने कहा कि जब भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का अवसर मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगी।

फराह नाज ने लगाए मारपीट और भेदभाव के आरोप

प्रदर्शनकारी फराह नाज ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि घायल होने के बाद उन्हें बस में बैठाकर कई घंटे तक रखा गया।

फराह नाज ने यह भी आरोप लगाया कि उनका नाम जानने के बाद उन्हें अलग सूची में रखने की बात कही गई और उन्हें देशद्रोही कहा गया। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे, फिर भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों और देश के लिए आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करती हैं। पार्टी ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की सच्चाई आधिकारिक जांच और संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।