कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, जिलाध्यक्ष और विधायकों में जुबानी जंग,सेतिया बोले- बेनीवाल किसी की सगी नहीं

सिरसा कांग्रेस में जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल और विधायकों गोकुल सेतिया व शीशपाल कहरवाला के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पोस्ट और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से संगठन में गुटबाजी खुलकर सामने आई।

कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह, जिलाध्यक्ष और विधायकों में जुबानी जंग,सेतिया बोले- बेनीवाल किसी की सगी नहीं

सिरसा कांग्रेस में जिलाध्यक्ष और विधायकों के बीच बयानबाजी तेज

■ गोकुल सेतिया बोले- बेनिवाल किसी की सगी नहीं

■ शीशपाल का तंज- ऐसी दुकानें ज्यादा दिन नहीं चलतीं


हरियाणा के सिरसा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी अब खुली सियासी जंग में बदलती नजर आ रही है। पार्टी के हुड्डा और कुमारी सैलजा गुट के एक होने के बाद अब जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल पर तीसरा गुट खड़ा करने के आरोप लग रहे हैं। हाल के दिनों में नेताओं के बीच लगातार हो रही बयानबाजी ने संगठन की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है।

विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल ने विधायक गोकुल सेतिया की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस एक बड़ा परिवार है और विधायक का व्यवहार "बचपना" है। उन्होंने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि जरूरत पड़ने पर सभी विधायक कार्यकर्ताओं के साथ खड़े होंगे।

इसके बाद कालांवाली में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान संतोष बेनिवाल ने कहा कि उन्हें नेताओं की उपस्थिति से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि कार्यकर्ता ही कांग्रेस की असली ताकत हैं। उन्होंने कहा कि सिरसा में कांग्रेस आज भी कार्यकर्ताओं की बदौलत जिंदा है और नेताओं से ज्यादा जरूरत कार्यकर्ताओं की है। उनके इसी बयान के बाद विवाद और गहरा गया।

सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर लगातार चार पोस्ट कर जिलाध्यक्ष पर तीखा हमला बोला। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जो अपने परिवार और जेठ की सगी नहीं हो सकती, वह किसी और की क्या सगी होगी। दूसरी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि जिलाध्यक्ष पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा, फिर कुमारी सैलजा और अब विधायकों के खिलाफ टिप्पणी कर रही हैं। तीसरी और चौथी पोस्ट में उन्होंने जिलाध्यक्ष की राजनीतिक क्षमता और भविष्य पर सवाल उठाते हुए तीखे तंज कसे।

उधर कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला ने भी संतोष बेनिवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष अपने पद के सहारे "दुकान चलाना" चाहती हैं, लेकिन ऐसी दुकानें ज्यादा दिन नहीं चलतीं। उन्होंने दावा किया कि बैठक में पहुंचे अधिकांश लोग पार्टी कार्यक्रम समझकर आए थे और बाद में उन्हें पता चला कि बैठक किस उद्देश्य से बुलाई गई थी। शीशपाल ने यह भी कहा कि उन्हें बैठक का कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला था।

जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल ने इससे पहले कहा था कि 9 अगस्त को होने वाली कांग्रेस की बैठक के लिए सभी विधायकों को निमंत्रण भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की ओर से भी नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। इसी सिलसिले में वह जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं को बैठक में आने का न्योता दे रही हैं।

संतोष बेनिवाल की राजनीतिक यात्रा भी चर्चा का विषय रही है। वह वर्ष 2022 में दड़बां कलां गांव से सरपंच चुनी गई थीं। इसके बाद एक वीडियो वायरल होने के बाद वह सुर्खियों में आईं और कांग्रेस से जुड़ गईं। अगस्त 2025 में उन्हें सिरसा कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाया गया। शुरुआत में वह सांसद कुमारी सैलजा के साथ लगातार नजर आती थीं, लेकिन हाल के दिनों में दोनों के बीच दूरी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब विधायकों और जिलाध्यक्ष के बीच बढ़ती बयानबाजी ने सिरसा कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को नया मोड़ दे दिया है।