Watch : दीवारों पर सिर्फ धर्मेंद्र: सोनीपत के विनोद का दर्द, बोले—“भगवान चला गया”

सोनीपत के पेंटर विनोद ने धर्मेंद्र को भगवान की तरह माना। दुकान को पोस्टरों से सजाया, दो बार मुलाकात की। निधन की खबर मिलते ही भावुक होकर टूट पड़ा। पूरी कहानी पढ़ें।

Watch : दीवारों पर सिर्फ धर्मेंद्र: सोनीपत के विनोद का दर्द, बोले—“भगवान चला गया”

  • धर्मेंद्र के निधन से सोनीपत का फैन विनोद टूटा, दुकान को मंदिर की तरह सजाया
  • पूरे शॉप में सिर्फ धर्मेंद्र की फिल्मों के पोस्टर, एक-एक फोटो को पूजा जैसा सम्मान
  • 2012 और 2015 में दो मुलाकातें, बेटे का नामकरण भी धर्मेंद्र से करवाने की इच्छा

सुशील मोर



बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन ने देशभर में दुख की लहर तो पैदा की, लेकिन हरियाणा के सोनीपत में एक ऐसा फैन है जिसकी दुनिया ही जैसे थम गई है। यह शख्स विनोद कुमार, जिसे लोग इलाके में देवेंद्र पेंटर के नाम से जानते हैं, धर्मेंद्र को सिर्फ अभिनेता नहीं बल्कि अपने भगवान की तरह मानता है।

सोनीपत की मुख्य सड़क पर उसकी छोटी-सी पेंटिंग की दुकान आज किसी मंदिर की तरह दिखाई देती है। चारों तरफ दीवारों पर धर्मेंद्र की हर फिल्म के पोस्टर, पुराने काले-सफेद फोटो, उनके साथ खिंचवाई गई मुलाकात की तस्वीरें, और हाथ से बनाए गए चित्रों ने इस दुकान को भावनाओं का दरबार बना दिया है। विनोद बताते हैं कि दुकान में लगी हर तस्वीर उनके लिए प्रतिमा जैसी पवित्र है।

विनोद की धर्मेंद्र से पहली मुलाकात 2012 में हुई थी। वह दिन वह आज भी कांपती आवाज में याद करते हैं। 2015 में दूसरी मुलाकात ने उनके दिल में और भी जगह बना दी। इतना कि अपने पहले बेटे के नामकरण के लिए उन्होंने मन बनाया था कि नाम धर्मेंद्र जी ही रखें। उन्हें यह अफसोस है कि दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जैसे सम्मान उन्हें जीवनकाल में नहीं मिले।

धर्मेंद्र के निधन की खबर मिलते ही विनोद की हालत ऐसी हुई मानो “जमीन पैरों के नीचे से खिसक गई।” उनका कहना है —
“मैंने उन्हें सिर्फ पर्दे पर नहीं, दिल के अंदर जगह दी थी। अब लगता है जैसे दिल का एक हिस्सा चला गया।”

दुकान पर लोग लगातार पहुंच रहे हैं और तस्वीरों के सामने मोमबत्तियाँ और फूल रखकर अभिनेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इलाके में यह शायद सबसे जुनूनी फैन का किस्सा है, जो बताता है कि सितारों की चमक पर्दे से कहीं आगे दिलों में बसती है।