धुरंधर’ फिल्म पर असली SP की पत्नी नाराज, केस की चेतावनी

धुरंधर फिल्म को लेकर विवाद बढ़ गया है। SP चौधरी असलम की पत्नी ने डायरेक्टर आदित्य धर पर गलत चित्रण के आरोप लगाए हैं और लीगल एक्शन की चेतावनी दी है।

धुरंधर’ फिल्म पर असली SP की पत्नी नाराज, केस की चेतावनी

‘धुरंधर’ फिल्म पर असली SP की पत्नी भड़कीं
डायरेक्टर पर गलत चित्रण के आरोप, लीगल एक्शन की चेतावनी
कहा– न बलूच विरोधी थे, न डकैत से डरे मेरे पति


बॉलीवुड फिल्म धुरंधर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान के चर्चित पुलिस अधिकारी चौधरी असलम के जीवन पर आधारित इस फिल्म में उनके किरदार के चित्रण को लेकर उनकी पत्नी नौरीन चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक आदित्य धर पर बिना अनुमति कहानी दिखाने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

नौरीन चौधरी ने कहा कि फिल्म में उनके पति को जिस तरह दिखाया गया है, वह पूरी तरह सही नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि उनके पति न तो कभी बलूच समुदाय के विरोधी थे और न ही कुख्यात अपराधी रहमान डकैत से डरते थे। उनका कहना है कि फिल्म में कुछ सीन ऐसे हैं जो हकीकत से बिल्कुल अलग हैं, खासकर वह सीन जिसमें बच्चों के साथ गलत व्यवहार दिखाया गया है।असलम पाकिस्तान पुलिस में एसपी के पद पर तैनात थे। सिंध पुलिस में काम करते हुए उन्होंने 2009 में ल्यारी के सबसे खूंखार रहमान डकैत का एनकाउंटर किया था।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म बनाने से पहले उनसे या परिवार से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। उन्हें इस फिल्म के बारे में तब पता चला जब इसका टीजर सामने आया। अब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वकील के जरिए निर्देशक को नोटिस भेजने और करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मुआवजा मांगने की बात कही है।

नौरीन के मुताबिक, उनके पति एक बहादुर और ईमानदार अधिकारी थे, जिन्होंने कराची में कई बड़े ऑपरेशन किए और 2009 में कुख्यात अपराधी रहमान डकैत का एनकाउंटर किया। उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ भी कई कार्रवाई की थीं, जिसके चलते उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं।असलम चौधरी की फाइल फोटो। उनकी पत्नी कहती हैं कि संजय दत्त ने असलम का किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है।

उन्होंने बताया कि चौधरी असलम हमेशा अपनी ड्यूटी में आगे रहते थे और किसी भी खतरे से नहीं डरते थे। यहां तक कि उन्होंने कभी बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने को भी जरूरी नहीं समझा। उनकी मौत 9 जनवरी 2014 को कराची में हुए एक बड़े हमले में हुई थी, जब विस्फोटकों से भरी कार उनके काफिले से टकरा गई थी।

नौरीन ने यह भी कहा कि फिल्म में दिखाया गया ‘वीआईपी या दबाव’ वाला एंगल उनके पति के व्यक्तित्व से मेल नहीं खाता। उनका दावा है कि असलम केवल अपराधियों के खिलाफ सख्त थे, आम लोगों के प्रति उनका व्यवहार हमेशा अच्छा रहा।

फिलहाल इस बयान के बाद फिल्म को लेकर विवाद और बढ़ गया है। यदि नौरीन चौधरी कानूनी कदम उठाती हैं, तो फिल्म और इसके निर्माताओं के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।