थाने के मालखाने से विदेशी पिस्टल समेत 32 हथियार गायब, ASI सस्पेंड, राजस्थान-एनसीआर में बेचने की आशंका

फरीदाबाद के सेक्टर-8 पुलिस थाने के मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार गायब मिलने पर ASI को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर कनेक्शन की जांच कर रही है।

थाने के मालखाने से  विदेशी पिस्टल समेत 32 हथियार गायब, ASI सस्पेंड, राजस्थान-एनसीआर में बेचने की आशंका

आईटीआई अप्रेंटिस ने मालखाने से 32 हथियार चुराए, सभी बरामद

पुलिस कमिश्नर ने टीमें दौड़ाकर आरोपी तक पहुंच बनाई

लापरवाही पर मालखाना इंचार्ज ASI सस्पेंड, FIR दर्ज


फरीदाबाद के सेक्टर-8 पुलिस थाने के मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार चोरी होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान पता चला कि थाने में आईटीआई के माध्यम से अप्रेंटिस पर आए एक युवक ने ही मालखाने से सभी हथियार चोरी किए थे। आरोपी हथियारों को राजस्थान, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर तक ले गया था।

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कई विशेष टीमों का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू कराई। लगातार कार्रवाई के बाद पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाते हुए सभी 32 हथियार बरामद कर लिए हैं। चोरी हुए हथियारों में कई महंगी विदेशी पिस्टलें भी शामिल थीं।

हालांकि पुलिस ने हथियार बरामद कर लिए हैं, लेकिन मामले को पुलिस विभाग की गंभीर लापरवाही माना गया है। इसी के चलते मालखाना इंचार्ज ASI बिजेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह भी स्पष्ट हो सके कि आरोपी ने हथियार चोरी करने में किसी अन्य व्यक्ति की मदद ली थी या नहीं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मालखानों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, हथियारों के गायब होने का पता रूटीन निरीक्षण के दौरान चला। शुरुआती जांच में 13 हथियार कम मिले थे, लेकिन रिकॉर्ड और मालखाने का विस्तृत मिलान करने पर कुल 32 हथियारों के गायब होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई।

सूत्रों के अनुसार, चोरी हुए हथियारों में कई विदेशी पिस्टलें भी शामिल हैं, जिनकी बाजार कीमत लाखों रुपये तक है। प्रारंभिक आशंका है कि इन हथियारों को राजस्थान, नोएडा तथा दिल्ली-एनसीआर में अवैध रूप से बेचा गया हो सकता है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

पूरे मामले की जांच गोपनीय तरीके से कराई जा रही है। जांच टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी सार्वजनिक न होने पाए। पुलिस का फोकस हथियारों की बरामदगी और इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है।

पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब छह दिन पहले फतेहाबाद के सदर थाने के मालखाने से 211 पेटी शराब गायब होने का मामला भी उजागर हुआ था। उस मामले में जांच के बाद थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें निलंबित किया गया था तथा पूरे थाने के 48 पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया था।

प्रारंभिक जांच में फतेहाबाद मामले में यह भी सामने आया था कि शराब को नष्ट करने के लिए कोर्ट से अनुमति ली गई थी, लेकिन कागजों में नष्ट दिखाकर वास्तविक रूप से शराब को खुर्द-बुर्द किए जाने की आशंका जताई गई। अब दोनों मामलों ने हरियाणा पुलिस के मालखानों की सुरक्षा और रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।