गुरुग्राम में हड़ताली कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई घायल

गुरुग्राम के मानेसर में हड़ताली कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए। धारा 163 लागू होने के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा और काम पर लौटने से इनकार किया गया।

गुरुग्राम में हड़ताली कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई घायल

हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज
सिर फूटे, खून से लथपथ कई कर्मचारी अस्पताल में भर्ती
धारा 163 के बावजूद प्रदर्शन, काम पर लौटने से इनकार


हरियाणा के गुरुग्राम के मानेसर स्थित आईएमटी क्षेत्र में हड़ताली कर्मचारियों पर पुलिस ने उस वक्त लाठीचार्ज कर दिया, जब वे अपनी मांगों को लेकर फैक्ट्री गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। हालात उस समय बिगड़ गए जब कर्मचारियों ने काम पर लौटने से साफ इनकार कर दिया और गेट के बाहर जुटना शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।मिली जानकारी के अनुसार, होंडा कंपनी के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों के कर्मचारी पिछले कुछ समय से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। प्रशासन द्वारा पहले ही इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई थी, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध था। इसके बावजूद कर्मचारी छोटे-छोटे समूहों में एकत्रित होकर प्रदर्शन कर रहे थे।पुलिस की लाठीचार्ज में घायल कर्मचारी।

पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कर्मचारियों को हटाने की कोशिश की। इसी दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने पुलिसकर्मियों का मोबाइल छीनने का प्रयास भी किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई।लाठीचार्ज में कई कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें कुछ के सिर पर गंभीर चोट आई। खून से लथपथ हालत में घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाकर भागती नजर आईं।पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद भागती हुईं महिला कर्मचारी।

कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी हक की लड़ाई है और यह मामला उनके और कंपनी प्रबंधन के बीच का है। उनका आरोप है कि पुलिस को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था और न ही किसी एक पक्ष का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।वहीं प्रशासन का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार, धारा 163 लागू होने के बावजूद लोगों का इकट्ठा होना नियमों का उल्लंघन था, इसलिए सख्ती जरूरी हो गई थी।