हरियाणा कांग्रेस में महिला क्विज को लेकर घमासान, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दीपिका यादव ने दिया इस्तीफा

हरियाणा कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दीपिका यादव ने महिला क्विज विवाद के बीच इस्तीफा दिया और अलका लांबा पर चयन में पक्षपात के आरोप लगाए।

हरियाणा कांग्रेस में महिला क्विज को लेकर घमासान, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दीपिका यादव ने दिया इस्तीफा

➤ दीपिका यादव ने राष्ट्रीय महिला कोऑर्डिनेटर पद से इस्तीफा दिया
➤ अलका लांबा पर प्रतिभा के बजाय करीबियों को चुनने का आरोप
➤ बोलीं- बेटियों के साथ नाइंसाफी हुई, ऐसे पद 36 बार छोड़ दूंगी


रेवाड़ी। हरियाणा कांग्रेस में महिला क्विज प्रतियोगिता को लेकर विवाद गहरा गया है। रेवाड़ी की रहने वाली कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दीपिका यादव ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दीपिका यादव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा पर क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभा के बजाय अपने परिचितों को चयनित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि वह बेटियों के साथ नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं करेंगी। उनका कहना है कि वह पहले भी महिलाओं और बेटियों की लड़ाई लड़ती रही हैं और आगे भी लड़ती रहेंगी।

दीपिका यादव रेवाड़ी के गांव टींट की रहने वाली हैं। उनके पति लवली यादव भी कांग्रेस में हैं। दीपिका इससे पहले पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा के दौरान चोट लगने और इसके बाद रेवाड़ी के जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव के एक महिला के साथ फोटो शेयर करने के मामले में सुर्खियों में आई थीं।

महिला क्विज प्रतियोगिता को लेकर बनाए गए वॉट्सऐप ग्रुप में भी दीपिका यादव की तरफ से मैसेज भेजे गए। इसमें उन्होंने लिखा कि “मेरी एक भी बेटी को सम्मान नहीं मिला।” इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने इस्तीफे और विवाद की पूरी वजह बताई।

‘गुलामी की जिंदगी मैंने नहीं जी’

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दीपिका यादव ने कहा कि 15 अगस्त हैप्पी इंडिपेंडेंस डे। इसी के साथ वह अपनी आजादी की नई शुरुआत करने जा रही हैं और देशवासियों को बताना चाहती हैं कि वह महिला कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पद से इस्तीफा दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह गुलामी की जिंदगी उन्होंने न पहले कभी जी है और न आगे जी सकती हैं। दीपिका के मुताबिक, उन्होंने बिना किसी लालच के उन बेटियों के लिए पद छोड़ा है, जिनके साथ उनके अनुसार नाइंसाफी हुई।

पांच घंटे बेटियों को धूप में खड़ा रखने का आरोप

दीपिका यादव ने अपने वीडियो में कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा पद पर हैं, लेकिन सामने खड़ी बेटियां किसी किसान और किसी गरीब परिवार से हैं। उन्होंने कहा कि ये बेटियां किसी लालच या पार्टी की नहीं हैं। हो सकता है कि उन्होंने कांग्रेस को वोट दिया हो या बीजेपी को, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह गलत था।

दीपिका ने आरोप लगाया कि बेटियों से कहा गया था कि करीब चार घंटे बाद राहुल गांधी आएंगे, उनसे मिलेंगे और उनका सम्मान करेंगे। उनके मुताबिक, इसके बावजूद बेटियों को करीब पांच घंटे तक बिना पानी के धूप में खड़ा रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आने पर अपनी रिश्तेदारी की चार बेटियों को आगे कर दिया गया और बाकी बेटियों को पीछे कर दिया गया।

दीपिका ने कहा कि अगर वह झूठ बोल रही हैं तो किसी भी बेटी और उसके माता-पिता से पूछ लिया जाए। उन्होंने कहा कि दीपिका यादव न पहले झूठ बोलती थी और न आज पद के लिए झूठ बोलेगी।

‘ऐसे पद मैं आगे भी 36 बार छोड़ दूंगी’

दीपिका यादव ने कहा कि जिन बेटियों को चयनित होने की बात कहकर बुलाया गया था, वे करीब 5 हजार रुपए की गाड़ी किराए पर लेकर खुशी-खुशी कार्यक्रम में पहुंचीं। उनका आरोप है कि इन बेटियों के साथ दिहाड़ीदार मजदूर जैसा व्यवहार किया गया।

उन्होंने कहा कि वह इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगी। दीपिका ने कहा कि अगर बेटियों के साथ नाइंसाफी होती है तो वह ऐसे पद आगे भी 36 बार छोड़ देंगी।

ऐसे शुरू हुआ पूरा विवाद

कांग्रेस की महिला क्विज में 79 विजेता चुने जाने थे

विवाद की शुरुआत कांग्रेस की महिला क्विज प्रतियोगिता से हुई। देश की आजादी के 79 साल पूरे होने के अवसर पर कांग्रेस ने महिलाओं के लिए यह क्विज प्रतियोगिता शुरू की थी। इसमें रजिस्ट्रेशन कराने वाली 79 महिलाओं को चुना जाना था।

प्रतियोगिता के लिए देशभर से 5 हजार से अधिक महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। उनसे ऑनलाइन पेंटिंग भी मंगवाई गई थी। विजेताओं का चयन करने के लिए ज्यूरी बनाई गई थी, जिसमें दीपिका यादव भी शामिल थीं।

टॉप-3 विजेताओं के लिए एक लाख तक की राशि

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाली महिला को 1 लाख रुपए, दूसरे स्थान पर आने वाली महिला को 50 हजार रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाली महिला को 25 हजार रुपए का इनाम दिया जाना था। इसके अलावा बाकी 76 महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए जाने थे।

देशभर से चुनी गई 79 महिलाओं में हरियाणा की 25 बेटियों ने स्थान बनाया। इनमें रेवाड़ी सेक्टर-4 निवासी 12वीं कक्षा की मेडिकल छात्रा निशा यादव, धारूहेड़ा निवासी सीए की छात्रा काजल और सिरसा की एक छात्रा शामिल थीं। इन तीनों का रजिस्ट्रेशन दीपिका यादव के माध्यम से हुआ था।

3 से 5 हजार रुपए देने की बात पर विवाद

दीपिका यादव का आरोप है कि प्रतियोगिता में पहले तीन इनामों के लिए किसी को नहीं चुना गया। उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे दूर के प्रदेशों से आने वाली कम संख्या वाली बेटियों को 10-10 हजार रुपए दे दिए गए, जबकि हरियाणा की बेटियों की संख्या अधिक होने का हवाला देकर उन्हें 3 से 5 हजार रुपए देने की बात कही गई।

दीपिका के मुताबिक, बाद में चेकबुक खत्म होने का हवाला दिया गया और हरियाणा की प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी से पैसे लेने की बात कही गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पर बात नहीं सुनने का आरोप

दीपिका यादव के मुताबिक, जब पर्ल चौधरी ने इसकी जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया तो वह दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के पास गईं। उनका आरोप है कि उनकी बात सुने बिना ही राष्ट्रीय अध्यक्ष गाड़ी में बैठकर चली गईं।

दीपिका ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो पर्ल चौधरी और उनके पति ने उन्हें रोककर बातचीत करने का प्रयास किया।

पूरे विवाद के बीच दीपिका यादव के इस्तीफे से हरियाणा कांग्रेस की महिला क्विज प्रतियोगिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, सामने आए आरोप दीपिका यादव की ओर से लगाए गए हैं और इस संबंध में अलका लांबा या कांग्रेस की ओर से कोई अलग पक्ष यहां उपलब्ध नहीं है।