वीगन डाइट का सच,फायदे के साथ B12 की कमी का खतरा
वीगन डाइट से वजन, BMI और मेटाबॉलिक हेल्थ में लाभ मिल सकता है, लेकिन B12, आयरन और कैल्शियम की कमी से बचने के लिए सही प्लानिंग जरूरी है।
संतुलित वीगन डाइट से वजन, BMI और कुछ मेटाबॉलिक संकेतकों में सुधार देखा गया
➤ लंबे समय तक प्लानिंग के बिना वीगन डाइट लेने पर विटामिन B12 समेत कई पोषक तत्वों की कमी का खतरा
➤ बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमारी से जूझ रहे लोगों को डाइट शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी
आज के समय में सेहतमंद रहने और वजन नियंत्रित करने के लिए वीगन डाइट तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस डाइट में केवल मांस-मछली से दूरी नहीं बनाई जाती, बल्कि दूध, दही, पनीर, मक्खन, अंडे और अन्य पशु आधारित खाद्य पदार्थ भी शामिल नहीं किए जाते हैं।
वीगन डाइट पूरी तरह पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों पर आधारित होती है। इसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, सोया, नट्स और सीड्स जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
कई अध्ययनों में इस तरह की डाइट से वजन, बॉडी मास इंडेक्स और कुछ मेटाबॉलिक संकेतकों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। खासकर टाइप-2 डायबिटीज और अधिक वजन वाले लोगों में इसके कुछ लाभ सामने आए हैं।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वीगन डाइट हर व्यक्ति के लिए अपने आप पूरी तरह सुरक्षित और संतुलित है। सही योजना के बिना इसे लंबे समय तक अपनाने पर शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
विटामिन B12 की कमी सबसे बड़ी चिंता
विटामिन B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र और DNA निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शरीर खुद विटामिन B12 नहीं बनाता। इसे भोजन या सप्लीमेंट के जरिए प्राप्त करना पड़ता है। वयस्कों के लिए रोजाना करीब 2.4 माइक्रोग्राम B12 की जरूरत बताई जाती है।
चूंकि प्राकृतिक रूप से B12 मुख्य रूप से मांस, मछली, दूध, डेयरी उत्पाद और अंडों जैसे पशु आधारित खाद्य पदार्थों में मिलता है, इसलिए पूरी तरह वीगन डाइट लेने वालों में इसकी कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक B12 की कमी रहने पर तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में मानसिक और न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
इसी वजह से पूरी तरह वीगन डाइट लेने वाले लोगों को अपने भोजन की सही योजना बनाने के साथ फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों या B12 सप्लीमेंट की जरूरत पड़ सकती है।
सिर्फ B12 ही नहीं, इन पोषक तत्वों पर भी ध्यान
वीगन डाइट में सही प्लानिंग नहीं होने पर आयरन, कैल्शियम, आयोडीन, विटामिन D और सेलेनियम जैसे पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाने का खतरा भी हो सकता है।
पौधों से मिलने वाला आयरन शरीर में पशु स्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में कम आसानी से अवशोषित होता है। इसलिए वीगन डाइट लेने वालों को आयरन के स्रोतों और भोजन के संतुलन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए फोर्टिफाइड प्लांट मिल्क, टोफू, कुछ हरी सब्जियां, तिल और दालों को भोजन में शामिल किया जा सकता है।
वहीं, ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए अलसी, चिया सीड्स, अखरोट और कुछ वनस्पति तेल उपयोगी पौध आधारित विकल्प हो सकते हैं।
वीगन डाइट का मतलब सिर्फ सलाद खाना नहीं
वीगन डाइट को लेकर अक्सर यह धारणा होती है कि इसमें केवल फल, सलाद और हरी सब्जियां खाई जाती हैं। ऐसा नहीं है।
एक संतुलित वीगन डाइट में कार्बोहाइड्रेट के लिए साबुत अनाज, प्रोटीन के लिए दालें, बीन्स और सोया तथा स्वस्थ वसा के लिए नट्स और सीड्स शामिल किए जा सकते हैं।
फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों से शरीर को फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इसी वजह से संतुलित तरीके से अपनाई गई प्लांट बेस्ड डाइट को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
वजन और डायबिटीज में भी देखे गए फायदे
कुछ अध्ययनों में वीगन डाइट अपनाने वाले लोगों में वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़े सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में कम से कम 12 सप्ताह की वीगन डाइट के दौरान शरीर के वजन, BMI, HbA1c और कोलेस्ट्रॉल में कमी देखी गई।
वजन घटाने को लेकर भी कुछ शोधों में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। हालांकि, डाइट से मिलने वाला फायदा व्यक्ति की कुल कैलोरी जरूरत, भोजन की गुणवत्ता, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करता है।
इसलिए केवल वीगन होने से कोई भी डाइट अपने आप स्वस्थ नहीं हो जाती। अत्यधिक प्रोसेस्ड और पोषण की दृष्टि से कमजोर खाद्य पदार्थों पर आधारित वीगन डाइट भी संतुलित आहार का विकल्प नहीं है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए
बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं। ऐसे में पूरी तरह वीगन डाइट अपनाने से पहले पोषक तत्वों की जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।
किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए भी बिना विशेषज्ञ की सलाह के अचानक डाइट में बड़ा बदलाव करना उचित नहीं माना जाता।
विशेषज्ञों का कहना है कि वीगन डाइट को पूरी तरह खारिज करने की जरूरत नहीं है। जरूरत इस बात की है कि इसे व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार संतुलित तरीके से अपनाया जाए।
निष्कर्ष यही है कि सही प्लानिंग के साथ वीगन डाइट से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए B12 समेत जरूरी पोषण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
pooja