हिसार में धारा 163 लागू, चार से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक; जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर बढ़े तनाव के बीच प्रशासन सख्त
हिसार में जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर आंदोलन के बीच धारा 163 लागू, चार से अधिक लोगों के जुटने और हथियार-ज्वलनशील पदार्थों पर रोक।
➤ जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर चल रहे धरने और प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती
➤ चार या अधिक लोगों के एकत्र होने, हथियार और खुले में ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर रोक
➤ 15 अगस्त से आगामी आदेश तक लागू रहेंगे प्रतिबंध, उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई
हिसार शहर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपायुक्त महेंद्र पाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए शहर में कई गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह आदेश 15 अगस्त से आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर मृतक के परिजनों, खाप प्रतिनिधियों, किसान संगठनों और अन्य लोगों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा था और 14 अगस्त को टोल प्लाजा पर प्रदर्शन के बाद 15 अगस्त को हांसी में मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के विरोध की चेतावनी भी दी गई थी।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, हाल ही में हिसार में हुई एक घटना के संबंध में मृतक के परिजनों एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन और टोल प्लाजा बंद करने के आह्वान के मद्देनजर कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने सार्वजनिक एवं सरकारी संपत्ति की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया है।
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम हिसार के सूर्यनगर क्षेत्र में डेयरी संचालक जीवन कुंडू की हत्या के बाद शुरू हुए आंदोलन से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक 4 अगस्त को जीवन कुंडू पर हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही परिजन और विभिन्न सामाजिक संगठन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला किया है और रिपोर्टों के अनुसार शव नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखा हुआ था।
मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता गया। इसी सिलसिले में 12 अगस्त को हिसार में महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें किसान संगठनों और खाप प्रतिनिधियों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन को 13 अगस्त तक का समय दिया था। महापंचायत में चेतावनी दी गई थी कि तय समय तक कार्रवाई नहीं हुई तो 14 अगस्त को प्रदेशभर के टोल प्लाजा और प्रमुख मार्गों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 15 अगस्त को हांसी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के विरोध का भी ऐलान किया गया था।
14 अगस्त को आंदोलनकारियों ने इस चेतावनी के तहत कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। रिपोर्टों के अनुसार खटकड़ और बद्दोवाल टोल प्लाजा पर करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन हुआ और इस दौरान टोल वसूली रोकी गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इसी घटनाक्रम को देखते हुए प्रशासन को 15 अगस्त के दिन स्थिति और संवेदनशील होने की आशंका थी। स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी कार्यक्रम होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था पहले से महत्वपूर्ण थी। ऐसे में संभावित प्रदर्शन, भीड़ जुटने और मार्ग अवरुद्ध किए जाने की आशंका को देखते हुए हिसार शहर में धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं।
आदेश के तहत हिसार शहर में किसी भी स्थान पर चार या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। यानी बिना अनुमति भीड़ के रूप में एकत्र होकर प्रदर्शन या अन्य गतिविधियां करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा हिसार शहर में 200 मीटर के दायरे तक सड़कों के दोनों ओर वाहनों के खड़े करने पर भी रोक रहेगी। प्रशासन ने यह प्रतिबंध यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और किसी भी संभावित प्रदर्शन या भीड़ के दौरान सड़क मार्ग बाधित होने से रोकने के लिए लगाया है।
जिला प्रशासन ने लाठी, डंडा, तलवार, गंडासा तथा अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर भी प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही खुले रूप में पेट्रोल, डीजल या अन्य ज्वलनशील पदार्थों को बोतल, कैन अथवा किसी अन्य पात्र में लेकर चलने पर भी रोक रहेगी।
प्रशासन की चिंता केवल भीड़ जुटने तक सीमित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक अथवा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने, यातायात बाधित होने या किसी अप्रिय स्थिति के पैदा होने की संभावना को देखते हुए प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया गया है। यही वजह है कि वाहनों की पार्किंग, हथियारों और ज्वलनशील पदार्थों से संबंधित अलग-अलग रोक भी आदेश में शामिल की गई हैं।
मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच तनाव बना हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलनकारियों की नाराजगी बनी हुई थी। एक रिपोर्ट में मुख्य आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम और लुकआउट सर्कुलर जारी किए जाने की जानकारी दी गई थी। पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों द्वारा दबिश देने की बात भी सामने आई थी।
ऐसे माहौल में जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।
यानी हिसार में धारा 163 लागू करने के पीछे सिर्फ स्वतंत्रता दिवस की सामान्य सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। इसके पीछे जीवन कुंडू हत्याकांड के बाद चल रहा आंदोलन, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, धरना-प्रदर्शन, टोल प्लाजा बंद करने का आह्वान और 15 अगस्त को हांसी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के विरोध की चेतावनी मुख्य वजहों में शामिल हैं। प्रशासन ने किसी संभावित टकराव, यातायात बाधित होने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए पहले ही प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
Akhil Mahajan