हरियाणा में 42 अधिनियमों के 164 प्रावधान अपराधमुक्त, अब छोटे अपराधों पर जेल नहीं

हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने 17 विभागों से जुड़े 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने का अध्यादेश जारी किया है। अब छोटे अपराधों पर आपराधिक कार्रवाई के बजाय दीवानी और प्रशासनिक दंड लागू होंगे। साथ ही पंचायती राज पर भी नया संशोधन अध्यादेश लागू हुआ है।

हरियाणा में 42 अधिनियमों के 164 प्रावधान अपराधमुक्त, अब छोटे अपराधों पर जेल नहीं

हरियाणा में 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधान अपराधमुक्त हुए
छोटे अपराधों पर अब दीवानी और प्रशासनिक कार्रवाई होगी, जेल नहीं
पंचायती राज को लेकर भी जारी हुआ नया संशोधन अध्यादेश


हरियाणा सरकार ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, नागरिक-अनुकूल और व्यावहारिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल असीम कुमार घोष ने 17 विभागों को कवर करने वाले 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने का अध्यादेश जारी किया है। अब राज्य में कई छोटे और प्रक्रियात्मक उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाएगा और इनके लिए आपसी या प्रशासनिक दंड लगाया जाएगा।

सरकार इस अध्यादेश को आगामी हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश करेगी ताकि इसे कानून का रूप दिया जा सके। नए ढांचे के तहत, मामूली या तकनीकी चूक के मामलों में अब अदालतों की बजाय दीवानी या प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई होगी, जिससे आम नागरिकों और व्यवसायों को बेवजह की कानूनी परेशानियों से राहत मिलेगी।

अध्यादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी व्यक्ति पर बिना ‘प्राकृतिक न्याय’ (Natural Justice) के सिद्धांतों का पालन किए जुर्माना नहीं लगाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य राज्य की कानूनी प्रक्रिया को कम जटिल और अधिक निष्पक्ष बनाना है। अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा सत्र न चलने के कारण फिलहाल अध्यादेश जारी किया गया है और इसे कानून के रूप में पारित करने के लिए शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा।

ये हुए अहम बदलाव

  1. सार्वजनिक जगह पर पशु बांधने पर अब 500 रुपए का जुर्माना लगेगा।

  2. लाइसेंसधारी प्लंबर द्वारा तय शुल्क से अधिक वसूली पर 500 रुपए जुर्माना होगा।

  3. सार्वजनिक स्थान पर धोबी के कपड़े धोने पर 500 रुपए का जुर्माना लगेगा।

  4. हरियाणा जिला बोर्ड अधिनियम के तहत अब 5,000 रुपए का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

  5. शहरी क्षेत्रों में सुअर पालने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रस्ताव है।

  6. झूठा बयान देने पर 50,000 रुपए तक जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

सीएम एडवाइजर बोले — यह नागरिकों के हित में सुधार

मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली ने इस पहल को “ऐतिहासिक सुधार” बताते हुए कहा कि यह किसी भी राज्य सरकार द्वारा अब तक किया गया सबसे व्यापक डिक्रिमिनलाइजेशन कदम है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कानूनी ढांचे को पारदर्शी, पूर्वानुमानित और नागरिक-अनुकूल बनाना है।

उन्होंने बताया कि यह अध्यादेश केंद्र सरकार के जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2023 से मेल खाता है, जिसके तहत केंद्र ने 42 केंद्रीय अधिनियमों के 183 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया था।

केंद्रीय मॉडल पर बना हरियाणा का अध्यादेश

जेटली ने कहा कि हरियाणा ने केंद्रीय मॉडल को राज्य स्तर पर लागू किया है। सरकार ने अपने कई पुराने और अप्रासंगिक कानूनों की समीक्षा कर उन्हें नागरिक और उद्योग-अनुकूल रूप देने की प्रक्रिया पूरी की है। इसका उद्देश्य जीवन और व्यापार में सुगमता के साथ-साथ विश्वास-आधारित शासन व्यवस्था को सशक्त बनाना है।

हरियाणा पंचायती राज पर भी नया अध्यादेश

गवर्नर ने हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश, 2025 भी जारी किया है। इसके तहत ग्राम सभा बैठकों में कोरम की आवश्यकताओं में बदलाव किया गया है।
अब सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों की स्वीकृति और ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए 40 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति जरूरी होगी।
यदि बैठक स्थगित होती है, तो पहली स्थगन अवधि में 30 प्रतिशत, और दूसरी स्थगन अवधि में 20 प्रतिशत उपस्थिति पर्याप्त मानी जाएगी।

यह बदलाव स्थानीय स्वशासन को अधिक लचीला और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं में देरी न हो।

हरियाणा सरकार की यह पहल कानूनी सुधारों की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिससे राज्य में नागरिक-अनुकूल प्रशासन और ईज़ ऑफ़ लिविंग को नई मजबूती मिलेगी।