हरियाणा में 1 अप्रैल से 4 बड़े बदलाव, जेब पर असर कलेक्टर रेट बढ़े

हरियाणा में 1 अप्रैल 2026 से कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी, टोल दरें महंगी, भर्ती नियमों में बदलाव और छात्राओं के लिए दूध योजना लागू हुई है।

हरियाणा में 1 अप्रैल से 4 बड़े बदलाव, जेब पर असर कलेक्टर रेट बढ़े

हरियाणा में 1 अप्रैल से 4 बड़े बदलाव लागू
कलेक्टर रेट 75% तक बढ़े, प्रॉपर्टी खरीदना महंगा
टोल दरों में बढ़ोतरी, छात्राओं को दूध योजना शुरू


हरियाणा में 1 अप्रैल 2026 से आम लोगों की जिंदगी से जुड़े चार बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर जेब, सफर और शिक्षा पर पड़ने वाला है। सबसे बड़ा बदलाव कलेक्टर रेट में 15% से 75% तक की बढ़ोतरी है, जिससे अब प्रदेश में घर, जमीन और फ्लैट खरीदना महंगा हो गया है। सरकार ने उन इलाकों में ज्यादा बढ़ोतरी की है, जहां बाजार मूल्य तेजी से बढ़ा और रजिस्ट्रियों की संख्या अधिक रही। नए रेट लागू होने से पहले दिन कई जिलों में रजिस्ट्रियां प्रभावित रहीं, हालांकि पहले से कटे टोकन पर पुरानी दरों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं।

गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेस-वे से सटे बजघेड़ा गांव में कलेक्टर रेट में 75% तक की भारी बढ़ोतरी की गई है। यहां कृषि भूमि का रेट अब करीब 7.53 करोड़ रुपए प्रति एकड़ हो गया है, जबकि पहले यह 4.30 करोड़ रुपए प्रति एकड़ था। हिसार, पंचकूला, अंबाला, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों में भी कई रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में 75% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंचकूला के सेक्टर 19, 27, 28, 31 समेत कई क्षेत्रों में रेट बढ़े हैं, वहीं हिसार के अग्रोहा-अलीपुर क्षेत्र और अंबाला सिटी के सेक्टर 8, 9, 10 में भी कीमतों में बड़ा उछाल आया है।टोल के रेट में 265 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है।

दूसरा बड़ा असर यात्रियों पर पड़ा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल दरों में 5 रुपए से लेकर 265 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। NH-152D (अंबाला-नारनौल) पर कार का एक तरफ का टोल 375 रुपए हो गया है, जो सबसे महंगा है। खेड़की दौला और चौधरीवास टोल प्लाजा पर भी दरें बढ़ाई गई हैं। साथ ही मंथली पास की कीमत 3000 से बढ़ाकर 3075 रुपए कर दी गई है। खास बात यह है कि अब कई टोल प्लाजा पर कैश भुगतान भी बंद कर दिया गया है।

तीसरा बदलाव सरकारी भर्तियों में हुआ है। हरियाणा सरकार ने न्यायिक सेवाओं के लिए भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए नया ढांचा लागू किया है। इसके तहत 50% पद प्रमोशन, 25% सीमित प्रतियोगी परीक्षा और 25% सीधे भर्ती से भरे जाएंगे। सीमित प्रतियोगी परीक्षा के लिए न्यूनतम 7 साल का अनुभव और 35 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है।

चौथा और अहम बदलाव शिक्षा क्षेत्र में हुआ है। मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के तहत अब सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की छात्राओं को सप्ताह में चार दिन फोर्टिफाइड दूध और दो दिन प्रोटीन मिल्क बार दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं में एनीमिया और पोषण की कमी को दूर करना है।