गर्मियों में स्ट्रीट फूड बन सकता है जानलेवा
गर्मियों में स्ट्रीट फूड खाने से फूड पॉइजनिंग, डायरिया और टाइफाइड का खतरा बढ़ जाता है। जानिए 12 जरूरी सावधानियां और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह।
■ गर्मियों में स्ट्रीट फूड से बढ़ता है फूड पॉइजनिंग का खतरा
■ बैक्टीरिया-फंगस तेजी से बढ़ने से खाना जल्दी होता है खराब
■ मजबूरी में खाएं तो 12 सावधानियां रखना बेहद जरूरी
गर्मियों के मौसम में बढ़ते तापमान के साथ सेहत से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है, खासकर जब बात स्ट्रीट फूड की हो। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में खुले में मिलने वाला खाना जल्दी खराब हो जाता है क्योंकि गर्मी में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। ऐसे में बाहर का खाना खाने से फूड पॉइजनिंग, डायरिया, उल्टी, डिहाइड्रेशन और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि डॉक्टर गर्मियों में स्ट्रीट फूड से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।
विशेषज्ञ डॉ. संचयन रॉय के मुताबिक, खुले में रखा खाना धूल, मक्खियों और दूषित पानी के संपर्क में आता है। कई जगह एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल किया जाता है, जिससे भोजन अनहेल्दी हो जाता है। इसके अलावा बार-बार गर्म किया गया खाना शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
गर्मियों में टाइफाइड का खतरा भी बढ़ जाता है, जो ‘साल्मोनेला टाइफी’ बैक्टीरिया से होता है और दूषित भोजन-पानी के जरिए फैलता है। सड़क किनारे मिलने वाले जूस, कटे फल, पानीपुरी, चाट और बर्फ के गोले जैसे फूड आइटम इस मौसम में सबसे ज्यादा जोखिम भरे होते हैं। खासकर खुले में बिकने वाला पानी या बर्फ से बने पेय पदार्थ कई बार संक्रमण का कारण बनते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार गर्मी में पाचन तंत्र भी धीमा हो जाता है। ऐसे में ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना पेट में भारीपन, गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष रूप से स्ट्रीट फूड से बचना चाहिए।
हालांकि अगर बाहर खाना मजबूरी हो, तो कुछ सावधानियां अपनाकर जोखिम को कम किया जा सकता है। जैसे हमेशा साफ-सुथरी जगह पर ही खाना खाएं, ताजा और गर्म भोजन लें, सील्ड पानी ही पिएं, कच्ची और खुली चीजों से बचें, और खाने से पहले हाथ साफ रखें। साथ ही डीप फ्राइड और क्रीम बेस्ड फूड से दूरी बनाकर हल्का और सुपाच्य भोजन चुनना बेहतर होता है।
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