करनाल में पत्नी-प्रेमी को उम्रकैद, पति की हत्या का मामला गुमशुदगी से हत्या तक

करनाल में पति की हत्या के मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों ने मिलकर हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था।

करनाल में पत्नी-प्रेमी को उम्रकैद, पति की हत्या का मामला गुमशुदगी से हत्या तक

करनाल में पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद की सजा
पति की हत्या कर शव नहर में फेंकने का मामला
मजबूत सबूत और गवाह के बयान से कोर्ट ने सुनाया फैसला


हरियाणा के करनाल जिले में पति की हत्या के सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों ने मिलकर साजिश के तहत पति सुरजभान की हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के लिए शव को नहर में फेंक दिया था। अदालत ने दोनों पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला शुरू से ही संदिग्ध था, लेकिन पुलिस की गहन जांच और गवाह के अहम बयान ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।करनाल न्यायिक परिसर की बाहर की फोटो।

मामला 8 मार्च 2021 का है, जब काछवा गांव की रहने वाली रानी ने थाना सदर में अपने पति की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस जब गांव में जांच के लिए पहुंची तो रानी की कहानी पर किसी को भरोसा नहीं हुआ। ग्रामीणों को शुरू से ही शक था कि मामला साधारण गुमशुदगी का नहीं है। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

जांच के दौरान गवाह दिनेश ने पुलिस को अहम जानकारी दी। उसने बताया कि उसके भाई सुरजभान की पत्नी रानी के गांव के ही सलिंद्र के साथ अवैध संबंध थे और उसे शक था कि सुरजभान की गुमशुदगी में दोनों का हाथ है। घटना के बाद दोनों का गांव से फरार होना भी शक को और मजबूत करता है।

पुलिस ने पहले रानी को गिरफ्तार किया और पूछताछ के आधार पर सलिंद्र को भी काबू कर लिया। जांच में सामने आया कि दोनों ने मिलकर सुरजभान की हत्या की और शव को गाड़ी में डालकर काछवा से चमारखेड़ा रोड स्थित एसवाईएल नहर में फेंक दिया, ताकि कोई सबूत न मिल सके।सदर थाना, जिला करनाल।

मामले की जांच पूरी कर पुलिस ने मजबूत सबूतों और गवाहों के आधार पर केस कोर्ट में पेश किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार शर्मा की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रानी और सलिंद्र को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।