हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: SC कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण पर फिलहाल रोक, वरिष्ठता के आधार पर होगी पदोन्नति
हरियाणा सरकार ने SC कर्मचारियों की प्रमोशन में आरक्षण पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक ग्रुप A और B में वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति होगी।
➤ हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक ग्रुप A और B में प्रमोशन में आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा
➤ वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर होगी पदोन्नति, 19 दिसंबर 2023 के आदेश वापस
➤ SC कर्मचारियों के आरक्षित प्रमोशनल पद फिलहाल सुरक्षित रहेंगे, न भरे जाएंगे और न समाप्त होंगे
हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित LPA-1054/2026 के अंतिम निर्णय तक ग्रुप A और ग्रुप B के पदों पर प्रमोशन में आरक्षण का लाभ देकर कोई पदोन्नति नहीं की जाएगी। इसके स्थान पर सभी पात्र कर्मचारियों को लागू सेवा नियमों के अनुसार वरिष्ठता-सह-योग्यता (Seniority-cum-Merit) के आधार पर पदोन्नति दी जाएगी। मानव संसाधन विभाग (HRD) ने इस संबंध में 3 अगस्त को नए निर्देश जारी कर दिए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
पुराने आदेश वापस, नई व्यवस्था लागू
सरकार ने 19 दिसंबर 2023 को जारी अपने पूर्व आदेशों को वापस लेते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। नए निर्देशों के अनुसार, हाईकोर्ट में मामला लंबित रहने तक आरक्षण के आधार पर किसी भी कर्मचारी को पदोन्नति नहीं दी जाएगी।
आरक्षित पद रहेंगे सुरक्षित
सरकार ने आदेश में स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण के तहत निर्धारित प्रमोशनल पद न तो भरे जाएंगे और न ही समाप्त किए जाएंगे। ये सभी पद हाईकोर्ट के अंतिम फैसले तक सुरक्षित रखे जाएंगे। यानी फिलहाल इन पदों पर आरक्षण के आधार पर नियुक्ति या पदोन्नति नहीं होगी।
SC कर्मचारियों की पदोन्नति पूरी तरह नहीं रुकेगी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई SC कर्मचारी सेवा नियमों के अनुसार वरिष्ठता-सह-योग्यता के आधार पर पदोन्नति का पात्र है, तो उसे केवल इसलिए पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाएगा कि फिलहाल आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा है।
इसके अलावा, ऐसे कर्मचारियों की पदोन्नति को सरकार द्वारा निर्धारित 20 प्रतिशत प्रतिनिधित्व में भी शामिल माना जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला
यह निर्णय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें 7 अक्टूबर 2023 की आरक्षण संबंधी अधिसूचना को बरकरार रखते हुए सरकार को 'क्रीमी लेयर' को आरक्षण के दायरे से बाहर रखने के निर्देश दिए गए थे। राज्य सरकार ने इस आदेश को एलपीए (LPA) के माध्यम से चुनौती दी है। इस मामले में अभी अंतिम फैसला आना बाकी है, इसलिए सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर यह नई नीति लागू की है।
Akhil Mahajan 