व्रत में कमजोरी और चक्कर से बचना है? अपनाएं ये आसान हेल्थ टिप्स
सावन सोमवार व्रत के दौरान कमजोरी, चक्कर और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए हाइड्रेशन, फलाहार, पर्याप्त आराम और डॉक्टर की सलाह से जुड़े जरूरी हेल्थ टिप्स जानें।
- सावन सोमवार व्रत में हाइड्रेशन और संतुलित फलाहार रखना बेहद जरूरी
- खाली पेट अधिक मेहनत और व्रत खोलते समय भारी भोजन से बचने की सलाह
- डायबिटीज, बीपी और अन्य मरीज व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें
सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना करते हैं। हालांकि, धार्मिक नियमों के साथ-साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, ताकि पूरे दिन कमजोरी, चक्कर या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
अगर आप पहली बार सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं, तो पूरे दिन बिना तैयारी के भूखे रहने से बचें। लंबे समय तक भोजन या पानी न लेने से लो ब्लड शुगर, थकान, सिरदर्द और चक्कर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए व्रत शुरू करने से पहले शरीर को पर्याप्त पोषण देना आवश्यक है।
यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर रहे हैं, तो समय-समय पर पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करते रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहेगी।
व्रत के दौरान केला, सेब, पपीता, अनार और मौसमी जैसे फलों का सेवन लाभदायक माना जाता है। इसके साथ बादाम, अखरोट, मखाना, काजू, पिस्ता और किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट्स शरीर को जरूरी पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
खाली पेट ज्यादा शारीरिक मेहनत, जिम या भारी व्यायाम करने से बचना चाहिए। कम ऊर्जा के कारण ऐसा करने पर कमजोरी, चक्कर और लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है। जरूरी काम के बीच-बीच में आराम करना बेहतर रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार व्रत के दौरान पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है। लगातार काम करने या देर रात तक जागने से शरीर अधिक थक सकता है और तनाव बढ़ सकता है।
व्रत खोलते समय जल्दबाजी में भारी या तला-भुना भोजन नहीं करना चाहिए। सबसे पहले पानी या नारियल पानी लें, इसके बाद फल या हल्का भोजन करें। फिर साबूदाना खिचड़ी, समक के चावल, दही या हल्का सुपाच्य भोजन लेना बेहतर माना जाता है।
यदि आप डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड, किडनी, हृदय रोग या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। कई मरीजों के लिए समय पर दवा और भोजन आवश्यक होता है।
वहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए लंबे समय तक भूखे रहना उचित नहीं माना जाता। यदि वे व्रत रखें तो फलाहार, दूध, दही और हल्के पौष्टिक खाद्य पदार्थ लेते रहें, ताकि शरीर को आवश्यक पोषण मिलता रहे।
pooja