हरियाणा में 5 दिन बदलेगा मौसम, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

हरियाणा में 6 जून तक मौसम परिवर्तनशील रहने के आसार हैं। दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

हरियाणा में 5 दिन बदलेगा मौसम, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

हरियाणा में 6 जून तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील

बारिश के बाद अधिकतम तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट

दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के आसार

हरियाणा में 28 मई के बाद हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत दी है। प्रदेश में जहां 27 मई तक अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर करीब 39 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। बारिश के कारण तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।

सोमवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में रविवार के मुकाबले 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि इसके बावजूद तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी 1.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 3 डिग्री कम है।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश में दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं। पहला पश्चिमी विक्षोभ 2 जून की रात से असर दिखाएगा, जबकि दूसरा 4 जून को पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा।

इन दोनों सिस्टमों के प्रभाव से मंगलवार रात से 6 जून तक हरियाणा के अधिकांश जिलों में मौसम पूरी तरह परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। हालांकि दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 31 मई तक हरियाणा में 52.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 44.6 मिलीमीटर बारिश होती है। इस प्रकार प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब होने वाली बारिश को मानसूनी गतिविधियों की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाएगा। प्रदेश में जून से सितंबर तक मानसून का मौसम रहता है और आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ तथा अन्य मौसमी सिस्टम मौसम पर असर डालेंगे।

अगर पिछले 23 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो हरियाणा में 13 बार मानसून सामान्य से कमजोर रहा है। वर्ष 2014 सबसे खराब साल रहा था, जब केवल 200.1 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जो सामान्य से 57 प्रतिशत कम थी। इसके अलावा वर्ष 2012 में 40 प्रतिशत और वर्ष 2019 में 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी।

मानसून आगमन के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2013 में मानसून 16 जून को सबसे पहले पहुंचा था, जबकि वर्ष 2004 में यह सबसे देर से 8 जुलाई को पहुंचा था। इसके बावजूद दोनों वर्षों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी।