हिमाचल के DIG को सरकारी मकान खाली न करने पर ₹1.80 लाख का नोटिस
हिमाचल प्रदेश में DIG संजीव गांधी को सरकारी आवास समय पर खाली न करने पर ₹1.80 लाख का डैमेज चार्ज नोटिस जारी किया गया है। भुगतान न करने पर वेतन से वसूली की चेतावनी दी गई है।
DIG संजीव गांधी को सरकारी आवास खाली न करने पर ₹1.80 लाख का डैमेज चार्ज नोटिस
भुगतान न करने पर वेतन से वसूली और प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना लगाने की चेतावनी
संजीव गांधी ने नोटिस मिलने से इनकार किया, बोले- छवि खराब करने की कोशिश
हिमाचल प्रदेश में DIG संजीव गांधी को सरकारी आवास खाली न करने के मामले में पुलिस मुख्यालय की ओर से बड़ा नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी मकान खाली नहीं करने पर ₹1.80 लाख से अधिक का डैमेज चार्ज जमा करने के निर्देश दिए हैं। यह नोटिस डीजीपी अशोक तिवारी की ओर से जारी किया गया है।
विभागीय नियमों के अनुसार जारी नोटिस में कहा गया है कि मार्च, अप्रैल और मई 2026 की अवधि के लिए आवास पर डैमेज चार्ज लगाया गया है। संबंधित सरकारी आवास का क्षेत्रफल करीब 3568.88 वर्ग फुट है और ₹18 प्रति वर्ग फुट की दर से कुल ₹1,80,286 की राशि निर्धारित की गई है।
पुलिस मुख्यालय ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यह राशि तत्काल प्रभाव से जमा करवाई जाए। यदि निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो विभाग को यह रकम उनके वेतन से वसूलने का अधिकार होगा। इसके अलावा जून 2026 से आवास खाली करने तक प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माना भी जोड़ा जाएगा।
नोटिस में संजीव गांधी को तत्काल सरकारी आवास खाली कर उसका कब्जा शिमला पुलिस अधीक्षक को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में हिमाचल प्रदेश पब्लिक प्रिमाइसेज एंड लैंड एक्ट, 1971 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
वहीं इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए DIG संजीव गांधी ने कहा कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने पूरे मामले को उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास बताया है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई मानहानिकारक है और वह इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
यह मामला पुलिस विभाग और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, संजीव गांधी को एसपी शिमला रहते हुए यह सरकारी आवास आवंटित किया गया था। जनवरी 2026 में पदोन्नति के बाद वह DIG बन गए थे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने उक्त आवास खाली नहीं किया।
उनकी जगह गौरव सिंह को शिमला का नया एसपी नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि आवास उपलब्ध न होने के कारण गौरव सिंह को रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी वजह से यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
pooja