हिमाचल में 18 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में 17 जुलाई तक मानसून कमजोर रहेगा। 18 से 22 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला समेत कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल में 17 जुलाई तक कमजोर रहेगा मानसून, 18 जुलाई से फिर होगा सक्रिय
18 से 22 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर सतर्क रहने की अपील की
हिमाचल प्रदेश में लगातार कई दिनों तक सक्रिय रहने के बाद मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है। 18 जुलाई से प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होगा और कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 17 जुलाई तक मानसून कमजोर बना रहेगा। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है, लेकिन 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियों में तेजी आने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि 1 जुलाई से प्रदेश में सक्रिय हुए मानसून के दौरान अब तक सामान्य से करीब 21 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। कई जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
उन्होंने बताया कि शिमला, कुल्लू और किन्नौर जैसे जिलों में इस बार मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहा है। आगामी दिनों में भी बारिश का दौर तेज होने की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान भूस्खलन, अचानक जलस्तर बढ़ने, नालों और खड्डों में उफान जैसी घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और संबंधित विभागों को भी संभावित मौसम बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
pooja