बांग्लादेश की हेकड़ी ICC ने निकाली!अब भारत में ही खेलना होगा मैच नहीं तो T20 वर्ल्ड कप 2026 से होंगे बाहर
ICC ने बांग्लादेश की टी20 वर्ल्ड कप में भारत में मैच नहीं खेलने की मांग को 14-2 के वोट से खारिज कर दिया। अगर बांग्लादेश नहीं खेलेगा तो उसे टूर्नामेंट से बाहर किया जा सकता है।
- ICC ने बांग्लादेश की T20 World Cup में भारत में मुकाबले न खेलने की मांग को खारिज कर दिया
- BCB की अपील को सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश ने समर्थन दिया
- ICC ने स्पष्ट किया है कि अगर बांग्लादेश नहीं खेलना चाहता तो उसे टूर्नामेंट से हटाया जा सकता है
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने कहा था कि अपने 2026 के ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में खेलने से इनकार किया जाए। ICC बोर्ड की बैठक में यह निर्णय 14–2 के मत से लिया गया, जिसमें केवल पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने इस मांग का समर्थन किया।
BCB ने अपनी सरकार के समर्थन के साथ पहले मांग की थी कि उसके ग्रुप-स्टेज के सभी मैच भारत के बजाय श्रीलंका या किसी अन्य स्थान पर कराए जाएं, क्योंकि वे सुरक्षा चिंताओं को लेकर भारत में खेलने को तैयार नहीं थे। ICC ने BCB को स्पष्ट कर दिया है कि टूर्नामेंट का शेड्यूल पहले से तय है और इसके अनुसार ही सभी मैच आयोजित होंगे, जिनमें बांग्लादेश के मुकाबले कोलकाता और मुंबई में होने हैं। अगर बांग्लादेश अपनी स्थिति पर अड़ा रहता है और भारत में मैच खेलने से इंकार करता है, तो ICC ने कहा है कि उसके स्थान पर कोई अन्य टीम (जैसे स्कॉटलैंड) को मौका दिया जा सकता है।
यह विवाद तब उभरा जब कोलकाता नाइट राईडर्स (KKR) ने अपने IPL 2026 टीम से बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को हटाने का निर्णय लिया, जिससे संबंध बिगड़ गए और BCB ने सुरक्षा के नाम पर अपनी मांग को मजबूती से रखा। ICC और BCB के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने BCB की मांग को समर्थन देते हुए ICC को पत्र लिखा है, जिसमें उसने बांग्लादेश की स्थिति को न्यायसंगत नहीं बताया और अगर आवश्यकता पड़े तो बांग्लादेश के मैचों को पाकिस्तान में कराने की पेशकश भी की है।
इससे पहले BCB ने कहा था कि वह “अकारण” शर्तें स्वीकार नहीं करेगा और टीम को भारत नहीं भेजेगा जब तक कि मांगों पर स्पष्टता नहीं आती।
Akhil Mahajan