वेटरनरी डाक्‍टर फूड इंस्‍पेक्‍टर बनकर करता था रेड़ फ‍िर ऐंठता था मोटी रकम, ACB जांच में सामने आया

कैथल में रिश्वत लेते गिरफ्तार वेटरनरी डॉक्टर अंकुर को लेकर ACB जांच में नया खुलासा हुआ है। जांच के अनुसार आरोपी कथित तौर पर फर्जी फूड सेफ्टी अफसर बनकर डेयरियों में कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगता था। मामले की जांच जारी है।

वेटरनरी डाक्‍टर फूड इंस्‍पेक्‍टर बनकर करता था रेड़ फ‍िर ऐंठता था मोटी रकम, ACB जांच में सामने आया

➤ ACB जांच में सामने आया, वेटरनरी डॉक्टर फर्जी फूड सेफ्टी अफसर बनकर डेयरियों पर करता था कार्रवाई का ड्रामा

➤ दुकानदारों को रेड की धमकी देकर करता था अवैध वसूली, विरोध करने वालों को टीम लाने का डर दिखाता था

➤ 28 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया, कार्रवाई के दौरान फोटोशूट कराने की भी चर्चा रही


हरियाणा के कैथल में 28 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए वेटरनरी सर्जन डॉ. अंकुर को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में कई नए खुलासे हुए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी डॉक्टर कथित तौर पर फर्जी फूड सेफ्टी अफसर बनकर शहर की डेयरियों और दूध विक्रेताओं के यहां पहुंचता था। वह खुद को अधिकारी बताकर जांच और कार्रवाई का डर दिखाता तथा समझौते के नाम पर पैसे वसूलने की कोशिश करता था। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

आरोपी डॉक्टर, फूड सेफ्टी अफसर बनकर डेयरी पर छापेमारी करता था।

डेयरी संचालकों को रेड का डर दिखाकर करता था वसूली

ACB के अनुसार आरोपी डॉक्टर कई डेयरियों पर पहुंचकर दूध और दूध उत्पादों की जांच करता था। उसकी वर्दी, व्यक्तित्व और सरकारी पद के कारण लोग उसे असली अधिकारी समझ लेते थे। इसके बाद वह कथित तौर पर कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसों की मांग करता था। यदि कोई दुकानदार विरोध करता तो पूरी टीम के साथ छापेमारी कराने की धमकी देता था।

भैंसों के हेल्थ सर्टिफिकेट के बदले मांगी रिश्वत

मामले की शिकायत गांव सेंगरी निवासी राममेहर ने की थी। उनका कहना है कि डेयरी की भैंसों पर बैंक से लोन लेने के लिए हेल्थ सर्टिफिकेट पर डॉक्टर के हस्ताक्षर जरूरी थे। आरोप है कि डॉक्टर ने सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर करने के बदले 30 हजार रुपए की मांग की। बाद में शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी ACB को दी।

इसी गाड़ी में डॉक्टर ब्ला-ब्ला से सवारियां लेकर जा रहा था।

28 हजार रुपए लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद ACB ने ट्रैप लगाया और आरोपी डॉक्टर को 28 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उस समय वह अपनी निजी कार से ब्ला-ब्ला प्लेटफॉर्म के जरिए यात्रियों को लेकर चंडीगढ़ जा रहा था। कार्रवाई विश्वकर्मा चौक के पास की गई।

कार्रवाई के दौरान फोटोशूट भी चर्चा में रहा

गिरफ्तारी के बाद आरोपी डॉक्टर का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना। कार्रवाई के दौरान वह कुर्सी पर आराम से बैठा दिखाई दिया। मीडिया के कैमरे सामने आने पर उसने फोटो खिंचवाए। पुलिस द्वारा चेहरा ढकने के लिए रुमाल दिए जाने पर भी उसने कथित तौर पर मना कर दिया।

ACB ने क्या कहा

ACB इंस्पेक्टर सूबे सिंह के अनुसार पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच जारी है। यदि अन्य पीड़ित दुकानदार भी शिकायत देते हैं तो उनके आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।