दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल निकला हरियाणा कार लूट गैंग का खिलाड़ी! गन पॉइंट पर छीनी कार जर्मनी से डिपोर्ट साथी का एनकाउंटर
कुरुक्षेत्र कार लूटकांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक गैंग की प्लानिंग में दिल्ली पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल था। मामले में 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
• दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल कार लूटकांड की साजिश में शामिल मिला
• जर्मनी से डिपोर्ट हुए आरोपियों ने बनाया था लूट, रंगदारी और हत्या का गैंग
• मुख्य आरोपी विशाल पुलिस मुठभेड़ में घायल, अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में सामने आए चर्चित कार लूटकांड में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि इस वारदात की योजना बनाने वालों में दिल्ली पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल था। आरोपी की पहचान कैथल जिले के जखौली गांव निवासी अजय के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे पूंडरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है और उसके रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी हेड कांस्टेबल वारदात की पूरी प्लानिंग में शामिल था। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने लूट, रंगदारी और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए संगठित गैंग तैयार किया था।
जांच के मुताबिक गैंग के मुख्य आरोपी विशाल और निखिल उर्फ नकुल ने जर्मनी में रहते हुए आपराधिक नेटवर्क खड़ा करना शुरू किया था। निखिल करीब एक माह पहले भारत लौटा था, जबकि विशाल को 6 जून को जर्मनी से डिपोर्ट किया गया था। भारत लौटने के बाद दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई।
पुलिस जांच में सामने आया कि 12 जून की रात आरोपियों ने अंबाला के टैक्सी चालक मंजीत कुमार को निशाना बनाया। चार युवकों ने कैथल जाने के बहाने उसकी होंडा सिटी कार बुक की। जब गाड़ी पिहोवा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-152 पर पहुंची तो आरोपियों ने पेशाब करने का बहाना बनाकर वाहन रुकवाया और चालक की कनपटी पर देसी कट्टा तानकर कार लूट ली। आरोपी चालक का मोबाइल भी साथ ले गए थे।
लूट के बाद आरोपी वाहन को हिसार के बरवाला क्षेत्र तक ले गए, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर खेत में उतर गया। इसके बाद सभी आरोपी कार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी जांच और विभिन्न सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
मामले में नया मोड़ तब आया जब पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी विशाल और उसका साथी लविश पिहोवा क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर CIA-2 की टीम ने घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विशाल के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी लविश मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य सबूत बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गैंग की गतिविधियों और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Akhil Mahajan