LPG सिलेंडर और होगा महंगा! सरकार ने दिए संकेत, यूएस-ईरान तनाव का असर भारत पर भी

केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वैश्विक संकट और सप्लाई दबाव के कारण घरेलू LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में आने वाले समय में और बढ़ोतरी हो सकती है।

LPG सिलेंडर और होगा महंगा! सरकार ने दिए संकेत, यूएस-ईरान तनाव का असर भारत पर भी
  • घरेलू LPG सिलेंडर के दाम आगे भी बढ़ सकते हैं
  • यूएस-ईरान तनाव और सप्लाई संकट को बताया गया वजह
  • हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर ₹29 महंगा हुआ है

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते यूएस-ईरान तनाव का असर अब भारत में भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में और वृद्धि हो सकती है।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर बयान देते हुए कहा कि सरकार भी आम लोगों की परेशानियों को समझती है, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से सरकार को भी दुख है, लेकिन इसकी वजह केवल घरेलू नीतियां नहीं हैं। दुनिया इस समय कई बड़े संकटों से गुजर रही है, जिसका सीधा असर ऊर्जा बाजार और सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार वैश्विक स्तर पर ट्रांसशिपमेंट और सप्लाई नेटवर्क प्रभावित हुए हैं। एलपीजी की उपलब्धता सीमित होती जा रही है, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। यही कारण है कि कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।

उन्होंने बताया कि गैस की मूल लागत पहले से अधिक हो चुकी है। वहीं परिवहन खर्च में भी भारी वृद्धि हुई है। वर्तमान हालात में सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में 40 से 45 दिन तक का समय लग रहा है, जिससे बीमा और लॉजिस्टिक लागत भी बढ़ गई है।

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सरकार आम लोगों की चिंताओं को लेकर गंभीर है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में गैस कीमतों में बढ़ोतरी कई बार मजबूरी बन जाती है। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

गौरतलब है कि हाल ही में 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर 942 रुपये का हो गया है।

इससे पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई थी, जिसका असर होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों पर देखने को मिला था। अब घरेलू सिलेंडर के और महंगे होने की आशंका से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो ऊर्जा उत्पादों की कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है, जिसका असर भारत समेत कई देशों के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।