₹2 हजार की रिश्वत ने उतरवाई वर्दी! केस में मदद के नाम पर सिपाही घूस लेते गिरफ्तार

फरीदाबाद के NIT-5 थाने में तैनात पुलिस कांस्टेबल को एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। शिकायतकर्ता से केस में मदद और नोटिस का जवाब तैयार कराने के नाम पर घूस मांगी गई थी। ट्रैप के दौरान जैसे ही रकम ली गई, ACB टीम ने मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया।

₹2 हजार की रिश्वत ने उतरवाई वर्दी! केस में मदद के नाम पर सिपाही घूस लेते गिरफ्तार

NIT-5 थाने का सिपाही 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार
केस में मदद और कोर्ट नोटिस का जवाब तैयार कराने के नाम पर मांगी थी घूस
ACB ने ट्रैप लगाकर रंगे हाथ पकड़ा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज


फरीदाबाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए NIT-5 थाना में तैनात पुलिस कांस्टेबल पंकज को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर आरोप है कि उसने एक पुराने मामले में शिकायतकर्ता के परिजन की मदद करने और कोर्ट से आए नोटिस का जवाब तैयार कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। एसीबी की टीम ने ट्रैप के दौरान आरोपी को मौके से ही रिश्वत की रकम सहित गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता सौरभ ने एसीबी को शिकायत दी थी कि वर्ष 2020 में दर्ज एक मामले में उसके चाचा के नाम कोर्ट से नोटिस आया था। इस मामले में कार्रवाई में सहयोग और नोटिस का जवाब तैयार कराने के लिए कांस्टेबल पंकज उससे 2 हजार रुपए की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।

एंटी करप्शन ब्यूरो ऑफिस, फरीदाबाद।

शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर अधिकारियों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर आरोपी सिपाही के पास पहुंचा।

जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 2 हजार रुपए दिए, पहले से निगरानी कर रही ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।