खाप प्रधान, किसान संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने CBI से जल्द खुलासे की मांग उठाई
भिवानी के ढाणी लक्ष्मण गांव में मनीषा मौत मामले को लेकर महापंचायत आयोजित हुई। खापों और सामाजिक संगठनों ने CBI से जल्द जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
मनीषा मौत मामले में ढाणी लक्ष्मण गांव में महापंचायत शुरू
खाप प्रधान, किसान संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने CBI से जल्द खुलासे की मांग उठाई
रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने पर आंदोलन की रणनीति बनाने के संकेत
भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा मौत मामले को लेकर रविवार को गांव में बुलाई गई महापंचायत शुरू हो गई। महापंचायत में प्रदेश की विभिन्न खापों के प्रधान, किसान संगठनों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, ग्रामीण और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
महापंचायत का मुख्य उद्देश्य मामले में आगे की रणनीति तय करना और CBI जांच में हुई प्रगति पर चर्चा करना है। पंचायत में मौजूद लोगों ने कहा कि मनीषा की मौत को लंबा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जांच एजेंसी की ओर से मामले का खुलासा नहीं किया गया है।
वक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द ही मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए खापों, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर रणनीति बनाई जाएगी।
महापंचायत में कामरेड रामकुमार मलिक, राजेंद्र शेखावत, सुबे सिंह, नरेंद्र बैरागी, प्रदीप गुलिया, राकेश आर्य, जोगेंद्र नैन, बीरबल स्वामी समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मामले में न्याय दिलाने की मांग को लेकर विचार-विमर्श किया।
मीडिया से बातचीत करते हुए मनीषा के पिता संजय ने बताया कि उनकी CBI अधिकारियों से मुलाकात हुई थी। उस दौरान जांच एजेंसी ने उन्हें 15 दिन का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि तय समय से अधिक अवधि बीत जाने के बावजूद अभी तक मामले का खुलासा नहीं हुआ है।
संजय ने कहा कि महापंचायत के माध्यम से न्याय की मांग को और मजबूत किया जाएगा। परिवार चाहता है कि जांच एजेंसी जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करे और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
महापंचायत के लिए गांव के पंचायतघर में विशेष व्यवस्था की गई है। गर्मी को देखते हुए लगभग 180 फुट लंबा और 45 फुट चौड़ा टेंट लगाया गया है, ताकि दूर-दूर से आने वाले लोग आसानी से बैठ सकें। इसके लिए प्रदेशभर की खापों, किसान संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों को आमंत्रित किया गया था।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार जांच पूरी करने और सच्चाई सामने लाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया। इसी वजह से महापंचायत के जरिए आगे की दिशा तय की जा रही है।
परिवार के अनुसार मनीषा 11 अगस्त को अपने प्ले स्कूल की ड्यूटी पर गई थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन से संबंधित कार्य के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटी। दो दिन बाद 13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला था।
घटना के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई और पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में पुलिस की ओर से आत्महत्या की संभावना जताए जाने पर लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन के बाद मनीषा का तीसरी बार दिल्ली स्थित All India Institute of Medical Sciences में पोस्टमॉर्टम कराया गया और जांच Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई थी।
अब महापंचायत के जरिए परिवार और ग्रामीण जांच में तेजी लाने तथा मामले का जल्द खुलासा करने की मांग कर रहे हैं।
pooja