नालंदा के मंदिर में भगदड़, 9 की मौत: मरने वालों में 8 महिलाएं, राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, 10 हजार श्रद्धालुओं के लिए कोई नहीं
नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़ से 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल, भीड़ और अव्यवस्था को हादसे की वजह माना जा रहा, प्रशासन जांच में जुटा।
➤ मंदिर में भारी भीड़ के बीच मची भगदड़, 8 महिलाओं की दर्दनाक मौत
➤ सुरक्षा और व्यवस्था में कमी को माना जा रहा हादसे का कारण
➤ कई श्रद्धालु घायल, सदर अस्पताल में इलाज जारी
बिहार में नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। 8 महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा।
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को शीतला अष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
दर्शन करने की जल्दी में धक्का-मुक्की मच गई। अफरातफरी के बीच कई लोग भीड़ में दब गए। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हादसे के बाद मंदिर और मेला को बंद करवा दिया है।
आज नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। उनकी सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था, जबकि मंदिर में जुटी 10 हजार की भीड़ के लिए एक भी पुलिस वाले की तैनाती नहीं थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर मंगलवार की तरह इस दिन भी हजारों श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर पहुंचे थे। लेकिन इस बार भीड़ अधिक होने और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात बेकाबू हो गए और अचानक भगदड़ मच गई। हालांकि भगदड़ कैसे शुरू हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत टीम सक्रिय हुई और कई एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि 10 से 12 लोग घायल हुए हैं।
घटना के बाद मंदिर परिसर को खाली करा लिया गया है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर एसडीएम समेत अन्य अधिकारी पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
इसी दिन नालंदा विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह भी आयोजित होना है, जिसमें द्रौपदी मुर्मू और नीतीश कुमार के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बड़े कार्यक्रम के चलते मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही हुई।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मृतकों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि भगदड़ कैसे मची और कहां चूक हुई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और लोग सदमे में हैं।
राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, नालंदा पहुंचने से डेढ़ घंटे पहले हादसा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने नालंदा पहुंचीं। राष्ट्रपति सुबह 11.20 से शाम 4.50 बजे तक नालंदा में रहेंगी। उनके कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। नालंदा के अलावा जहानाबाद, गया, पटना समेत 8 से अधिक जिलों से ढाई हजार से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया है। नालंदा के डीएम ने दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल सर्विसेज को हाई अलर्ट पर रखा गया था। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टरों और मेडिकल कर्मियों की तैनात की गई थी।
हादसे से जुड़ी बड़ी बातें -
- चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के चलते पटना और आसपास के इलाकों से भी दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस वजह भीड़ बहुत बढ़ गई।
- मंदिर परिसर छोटा था। भीड़ को कंट्रोल करने के इंतजाम नहीं थे। लोगों में पहले दर्शन करने की होड़ लग गई।
- लोग कतार में लगने की जगह आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इससे भगदड़ की स्थिति बन गई। कई लोग भीड़ के नीचे दब गए।
- मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस को पहुंचने में भी देर हुई।
8 लोग घायल हैं, सभी की हालत स्थिर हैः नालंदा DM
नालंदा DM कुंदन कुमार ने कहा, "आज नालंदा के मां शीतला मंदिर में काफी भीड़ हो जाने के कारण बहुत दुखद घटना हुई है। 8 लोगों की मौत हुई है, 8 लोग इलाज के लिए आए हैं। राहत-बचाव कार्य किया गया। जिन लोगों की मृत्यु हुई है उनके परिवारों के लिए 6 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। 8 लोग घायल हैं, सभी की हालत स्थिर है, एक को इलाज के लिए रेफर किया गया है।"
Akhil Mahajan