सोनीपत में किडनैपिंग की कोशिश, परिवार को 10 दिन में मारने की धमकी
सोनीपत के बहालगढ़ में रिटायर्ड एसआई के बेटे को अगवा करने की कोशिश और परिवार को 10 दिन में मारने की धमकी का मामला सामने आया है। पूर्व एसीपी पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोप लगे हैं।
■ सोनीपत में रिटायर्ड एसआई के बेटे को अगवा करने की कोशिश, परिवार को जान से मारने की धमकी
■ पूर्व एसीपी पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोप
■ पुलिस ने BNS की धाराओं में केस दर्ज कर शुरू की जांच
हरियाणा के सोनीपत जिले के बहालगढ़ क्षेत्र में किडनैपिंग की कोशिश, धमकी और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। वेस्ट रामनगर निवासी उषा रानी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके बेटे को जबरन उठाने की कोशिश की गई और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पीड़िता के अनुसार, यह पूरा मामला एक शिकायत से जुड़ा है, जो उन्होंने और उनके पति, रिटायर्ड एसआई राजेंद्र सिंह ने पूर्व एसीपी नरसिंह के खिलाफ स्टेट पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी, चंडीगढ़ में दी थी।
पीड़िता का आरोप है कि इसी शिकायत को वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। आरोपियों ने बाहरी बदमाशों को भेजकर उनके बेटे राकेश उर्फ धोला पहलवान को निशाना बनाया। घटना 14 नवंबर 2025 की बताई जा रही है, जब राकेश बहालगढ़ स्थित एक प्रॉपर्टी ऑफिस में मौजूद था। तभी सचिन डिघल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जबरन उसे पकड़कर बाहर खींच लिया। आरोप है कि उसे कार में डालकर अगवा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उसे बचा लिया।
घटना के बाद जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि शिकायत वापस नहीं ली गई, तो 10 दिन के भीतर पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा और शव का भी कोई सुराग नहीं मिलेगा। इस धमकी के बाद परिवार पूरी तरह सहमा हुआ है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि 25 अक्टूबर से लेकर 14 नवंबर 2025 के बीच कई बार अलग-अलग नंबरों से कॉल कर जान से मारने की धमकियां दी गईं। इन कॉल्स में सचिन, प्रशांत और जोनी के नाम सामने आए हैं और पीड़ित परिवार के पास इनकी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बहालगढ़ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3), 62, 351(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस उपायुक्त कार्यालय से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पीड़ित परिवार ने अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब आरोप एक पूर्व पुलिस अधिकारी पर ही लगाए जा रहे हैं।
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