NIT कुरुक्षेत्र में बड़ा एक्शन, जॉइंट रजिस्ट्रार सस्पेंड

NIT कुरुक्षेत्र में केंद्रीय टीम के दौरे के बाद जॉइंट रजिस्ट्रार को सस्पेंड किया गया। संस्थान में 4 छात्रों की मौत और प्रशासनिक गड़बड़ियों की जांच जारी है।

NIT कुरुक्षेत्र में बड़ा एक्शन, जॉइंट रजिस्ट्रार सस्पेंड

NIT कुरुक्षेत्र के जॉइंट रजिस्ट्रार सस्पेंड, केंद्रीय टीम दौरे के बाद कार्रवाई
संस्थान में प्रशासनिक गड़बड़ियों और छात्रों की मौतों के बाद बढ़ा विवाद
भर्ती, प्रमोशन और गिरती रैंकिंग समेत कई मुद्दों की जांच जारी


हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में चल रहे विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। संस्थान के जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के दौरे के ठीक अगले दिन हुई है, हालांकि सस्पेंशन के पीछे की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनित जोशी समेत पांच अधिकारियों की टीम ने हाल ही में NIT का दौरा किया था। इस दौरान टीम ने संस्थान के प्रशासनिक कामकाज, निर्णय प्रक्रिया और हाल के घटनाक्रमों की गहन समीक्षा की। इसी के बाद यह कार्रवाई सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, यह टीम संस्थान में इस साल हुई चार छात्रों की मौत के मामलों की जांच के लिए भी पहुंची थी। इन घटनाओं ने संस्थान की कार्यप्रणाली और माहौल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि अधिकारी इस पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

पूरा विवाद 29 मार्च से शुरू हुआ, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से NIT के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी थी। इससे पहले जॉइंट रजिस्ट्रार को उनके पद से हटाकर प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बाद में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कार्यकारी डायरेक्टर बनाया गया और प्रो. विनोद मित्तल को नया रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया।

मामले की गहराई से जांच के लिए मंत्रालय ने एक रिव्यू कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी भर्ती प्रक्रिया, प्रमोशन, शिकायतें, संस्थान की गिरती रैंकिंग और खाली पदों जैसे मुद्दों की जांच कर रही है। डायरेक्टर पर अपने गृह राज्य से अधिक भर्ती करने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।

हाल ही में NAAC चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे की अगुआई में रिव्यू कमेटी ने 23 और 24 अप्रैल को दूसरी बार NIT का दौरा किया। इस टीम में VNIT नागपुर और MANIT भोपाल के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहे।

इस साल संस्थान में चार छात्रों की मौत ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। फरवरी से अप्रैल के बीच अलग-अलग घटनाओं में चार छात्रों की मौत हुई, जिसके बाद एक अन्य छात्रा द्वारा प्रयास की खबर भी सामने आई। इन घटनाओं ने संस्थान की आंतरिक व्यवस्था और छात्र कल्याण पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।