पानीपत ब्लॉक समिति में सियासी भूचाल, 22 में से 19 पार्षदों का वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

पानीपत ब्लॉक समिति में 22 में से 19 पार्षदों ने वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया है। पार्षदों ने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का चुनाव एक साथ कराने की मांग की है।

पानीपत ब्लॉक समिति में सियासी भूचाल, 22 में से 19 पार्षदों का वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

■ 22 में से 19 पार्षदों ने वाइस चेयरमैन के खिलाफ दिया अविश्वास प्रस्ताव
■ चेयरमैन दीपक राणा के निधन के बाद तालमेल और कार्यशैली पर उठे सवाल
■ DC को सौंपा ज्ञापन, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का एक साथ चुनाव कराने की मांग


पानीपत में ब्लॉक समिति के 22 में से 19 पार्षदों ने वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है। पार्षदों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मौजूदा हालात को देखते हुए चेयरमैन और वाइस चेयरमैन दोनों का चुनाव एक साथ कराया जाए, ताकि ब्लॉक स्तर पर विकास कार्यों में तालमेल और गति बनी रहे।

गौरतलब है कि ब्लॉक समिति के चेयरमैन दीपक राणा का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उनके निधन के बाद जिम्मेदारी वाइस चेयरमैन के पास थी। लेकिन पार्षदों का आरोप है कि पिछले करीब तीन वर्षों से वाइस चेयरमैन की कार्यशैली संतोषजनक नहीं रही। उनका कहना है कि न तो सदस्यों के साथ तालमेल बनाया गया और न ही विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई।

वार्ड नंबर 22 के एक पार्षद ने कहा कि अगर वाइस चेयरमैन सदस्यों के साथ संवाद और सहयोग बनाए रखते, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। उनके अनुसार, 19 पार्षदों ने शपथपत्र सहित अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं, बल्कि विकास कार्यों की सुचारु प्रगति के लिए उठाया गया है।

वार्ड नंबर 23 गांव सिवाह से पार्षद विजेंद्र कादियान ने स्पष्ट कहा कि उनकी मुख्य मांग यह है कि चेयरमैन के चुनाव के साथ-साथ वाइस चेयरमैन का चुनाव भी कराया जाए। उनका मानना है कि जब दोनों पदों पर नई टीम चुनी जाएगी, तभी ब्लॉक समिति में बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा और रुके हुए विकास कार्य गति पकड़ पाएंगे।

पार्षदों ने यह भी संकेत दिया कि पिछले तीन सालों से वाइस चेयरमैन के खिलाफ असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने और प्रयास करने का अधिकार है, लेकिन मौजूदा हालात में 19 सदस्यों का एकजुट होना इस बात का संकेत है कि अब बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है।

हाल ही में जिला परिषद चेयरपर्सन के चुनाव को लेकर भी खरीद-फरोख्त के आरोपों की चर्चाएं रही थीं। इस पर पार्षदों ने साफ किया कि इस बार चुनाव पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से कराने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि किसी प्रकार के लेन-देन की गुंजाइश नहीं होगी और सभी सदस्य अपने-अपने वार्ड के विकास को प्राथमिकता देंगे।

डीसी को दिए गए ज्ञापन के बाद प्रशासन ने मामले को प्रक्रिया में डाल दिया है। पार्षदों के अनुसार, जिला उपायुक्त ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है और जल्द ही सभी सदस्यों को बुलाकर आगे की तारीख तय की जाएगी। फिलहाल चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन मामला प्रशासनिक प्रक्रिया में पहुंच चुका है।

ब्लॉक समिति के कार्यकाल का लगभग डेढ़ साल शेष है। ऐसे में कई पार्षद चाहते हैं कि इस अवधि में अधिकतम विकास कार्य कराए जाएं, ताकि जनता के बीच मजबूत संदेश जाए और आगामी चुनाव में उन्हें दोबारा मौका मिल सके। अब सबकी निगाहें प्रशासन के अगले कदम और चुनाव की तारीख पर टिकी हैं।