कैप्टन अभिमन्यु कोठी आगजनी मामला: सीबीआई कोर्ट ने सभी 57 आरोपियों को किया बरी
2016 जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में पंचकूला की सीबीआई अदालत ने 57 आरोपियों को बरी कर दिया है।
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कैप्टन अभिमन्यु कोठी आगजनी मामले में बड़ा फैसला
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पंचकूला सीबीआई अदालत ने 57 आरोपियों को किया बरी
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साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने सुनाया निर्णय
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई थी घटना
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10 साल बाद आया रोहतक के बहुचर्चित केस का फैसला
हरियाणा की राजनीति और जाट आरक्षण आंदोलन के इतिहास में सबसे चर्चित रहे कैप्टन अभिमन्यु कोठी आगजनी मामले में आज पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में नामजद 57 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। साल 2016 में जब प्रदेश में आरक्षण की आग धधक रही थी, उस दौरान रोहतक में तत्कालीन वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी को भीड़ ने निशाना बनाया था। उपद्रवियों ने कोठी में घुसकर न केवल आगजनी की थी, बल्कि करोड़ों रुपये की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई थी। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद कई लोगों को आरोपी बनाया और चार्जशीट दाखिल की। पिछले कई सालों से पंचकूला की अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही थी। बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि उनके मुवक्किलों के खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए जा सके। आज अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना अंतिम फैसला सुनाया, जिससे बरी हुए लोगों और उनके परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस घटना ने उस वक्त पूरे देश का ध्यान खींचा था।
Akhil Mahajan