पानीपत रिफाइनरी में हड़ताल बेकाबू, सुरक्षा बलों पर पथराव. कई वाहन तोड़े

पानीपत रिफाइनरी में 12 घंटे की ड्यूटी और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का धरना हिंसक हो गया। सुरक्षा बलों पर पथराव और तोड़फोड़ के बाद CISF व पुलिस ने हालात संभाले।

पानीपत रिफाइनरी में हड़ताल बेकाबू, सुरक्षा बलों पर पथराव.  कई वाहन तोड़े

■ 12 घंटे की ड्यूटी घटाकर 8 घंटे करने व वेतन वृद्धि की मांग
■ सुरक्षा घेरे को लेकर विवाद, लाठी-डंडों के साथ आगे बढ़े कर्मचारी
■ CISF व पुलिस ने हालात संभाले, नेताओं से बातचीत शुरू


हरियाणा के पानीपत जिले स्थित रिफाइनरी परिसर में चल रहा कर्मचारियों का धरना उस समय हिंसक हो गया जब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनातनी बढ़ गई। हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के बीच पहले कहासुनी हुई, फिर हालात बिगड़ते चले गए। देखते ही देखते कुछ प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों के साथ आगे बढ़े और पथराव शुरू हो गया, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने कर्मचारियों से निर्धारित दायरे में शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने को कहा था। इसी बात पर बहस तेज हुई और भीड़ का एक हिस्सा उग्र हो गया। निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पास खड़ी कई गाड़ियों को पलट दिया गया और तोड़फोड़ की गई। पत्थरबाजी के कारण सुरक्षा कर्मियों को पीछे हटना पड़ा, हालांकि बाद में उन्होंने मोर्चा संभाल लिया।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और जिला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। अतिरिक्त बल बुलाए गए और प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला गया। काफी मशक्कत के बाद हालात काबू में आए।

घटना के बाद प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे श्रमिक नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत शुरू हुई। कर्मचारियों की मुख्य मांग 12 घंटे की ड्यूटी को घटाकर 8 घंटे करना और वेतन वृद्धि बताई जा रही है। फिलहाल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।