"UGC-NET का पेपर ₹2.25 लाख में बेचा गया" : राहुल गांधी का दावा

राहुल गांधी ने UGC-NET पेपर लीक का आरोप लगाते हुए ₹2.25 लाख में प्रश्नपत्र बिकने का दावा किया। रोहतक के एडवोकेट दीपक धनखड़ के दावों के बाद पुलिस जांच में जुटी है।

"UGC-NET का पेपर ₹2.25 लाख में बेचा गया" : राहुल गांधी का दावा

➤ राहुल गांधी ने UGC-NET पेपर ₹2.25 लाख में बिकने का आरोप लगाया
➤ हरियाणा के एडवोकेट दीपक धनखड़ के दावों को पोस्ट में बनाया आधार
➤ पुलिस दीपक धनखड़ की तलाश में जुटी, छात्र नेताओं से पूछताछ जारी


NEET परीक्षा विवाद के बीच अब UGC-NET परीक्षा को लेकर नया विवाद सामने आया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि सोशियोलॉजी का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ₹2.25 लाख में बेचा गया। उन्होंने अपनी पोस्ट में हरियाणा के रोहतक निवासी एडवोकेट दीपक धनखड़ द्वारा किए गए दावों का हवाला दिया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की ओर से अभी तक इन दावों की पुष्टि या खंडन नहीं किया गया है।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट के साथ एक ऐसी खबर साझा की, जिसमें दीपक धनखड़ ने करीब 100 पेज की PDF जारी कर दावा किया था कि 28 और 29 जून की रात परीक्षा से पहले प्रश्न उपलब्ध कराए गए थे। उनके अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर सौदा किया, उन्हें जिन सवालों की तैयारी करवाई गई, वही अगले दिन UGC-NET परीक्षा में पूछे गए।

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर यूजीसी नेट एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

दीपक धनखड़ ने 6 जुलाई को एक ऑडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्हें कथित पेपर लीक माफिया से जान का खतरा है और इसी कारण वह अंडरग्राउंड हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने इस मामले में पुलिस या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के समक्ष कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

राहुल गांधी की पोस्ट सामने आने के बाद रोहतक पुलिस ने एडवोकेट दीपक धनखड़ की तलाश शुरू कर दी है। शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा का कहना है कि पुलिस छात्र संगठनों के कई पदाधिकारियों से भी पूछताछ कर रही है। वहीं INSO के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने पुलिस से स्पष्ट करने की मांग की है कि दीपक धनखड़ की तलाश किस आधार पर की जा रही है।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि UGC-NET परीक्षा से पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई, जिसमें मौजूद लगभग 90 प्रश्न वास्तविक सोशियोलॉजी प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। उन्होंने दावा किया कि यह प्रश्नपत्र कथित तौर पर ₹2.25 लाख में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इसी नेटवर्क ने अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया था।

दीपक धनखड़ का दावा है कि दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान उनकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई जिन्होंने स्वयं को पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ा बताया। उनके अनुसार बाद में कुछ छात्रों के माध्यम से संपर्क हुआ और कथित तौर पर 28-29 जून की रात पेन ड्राइव में प्रश्न उपलब्ध कराए गए। धनखड़ का कहना है कि जिन छात्रों ने उन प्रश्नों की तैयारी की थी, उन्हें परीक्षा में वही सवाल मिले। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।