बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में नहीं पहुंचे भूपेंद्र हुड्डा, रोहतक में खुलकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी

रोहतक में बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा के समापन कार्यक्रम में कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आई। भूपेंद्र हुड्डा गुट कार्यक्रम से दूर रहा।

बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा में नहीं पहुंचे भूपेंद्र हुड्डा, रोहतक में खुलकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी

रोहतक में कांग्रेस की गुटबाजी फिर आई खुलकर सामने

बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा से दूर रहा हुड्डा गुट

2800 किलोमीटर यात्रा के समापन पर कांग्रेस की अंदरूनी फूट उजागर


हरियाणा कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह की 230 दिनों में पूरी हुई 2800 किलोमीटर लंबी सद्भाव यात्रा के समापन कार्यक्रम में पार्टी की अंदरूनी खींचतान साफ दिखाई दी। खास बात यह रही कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके समर्थक नेता इस कार्यक्रम से पूरी तरह नदारद रहे।

रोहतक में आयोजित समापन कार्यक्रम के दौरान मंच पर ज्यादातर वे नेता सक्रिय दिखाई दिए जिन्हें पार्टी में हुड्डा विरोधी खेमा माना जाता है। इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा कांग्रेस में जारी आपसी खींचतान और गुटबाजी को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया।

कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने भी अप्रत्यक्ष रूप से पार्टी में फूट होने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा निजी नहीं बल्कि कांग्रेस की विचारधारा और जनता के बीच सद्भाव का संदेश देने के लिए निकाली गई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लंबे समय से उदासीनता और निराशा का माहौल था, जिसे बदलने के लिए यह यात्रा शुरू की गई।

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा कार्यक्रम में क्यों नहीं पहुंचे, तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब उन्हीं से पूछा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निमंत्रण देने में उनकी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी गई।

उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि उनकी यात्रा से कुछ लोगों को “दर्द” था। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि जब “बंद मुट्ठी खुलती है तो दर्द जरूर होता है।” उनके इस बयान को हुड्डा गुट पर सीधा राजनीतिक तंज माना जा रहा है।

बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें लोगों का जबरदस्त समर्थन और उत्साह मिला। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी लगातार यात्रा की रिपोर्ट लेते रहे और गुरुग्राम में मंच साझा करने के बाद उनका हौसला और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के समर्थन के बाद यह सवाल उठाना गलत है कि यह कांग्रेस की यात्रा थी या निजी कार्यक्रम।

कांग्रेस नेता ने यह भी माना कि पार्टी में नेताओं की आपसी फूट से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि भाजपा का डर भी कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ने का बड़ा कारण बन चुका है।

कॉकरोच जनता पार्टी पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है कि देश के युवाओं में गुस्सा बढ़ रहा है और यह गुस्सा कभी भी बड़े विस्फोट का रूप ले सकता है।

करीब 5 किलोमीटर की पदयात्रा और जनसभा के साथ रोहतक में बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा का समापन हो गया। लेकिन यात्रा के समापन के साथ ही कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति और गुटबाजी भी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई।