शपथ से पहले एक्शन में आईं रेवाड़ी चेयरपर्सन विनीता पीपल

रेवाड़ी नगर परिषद की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन विनीता पीपल ने शपथ से पहले बाजारों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया और विकास को प्राथमिकता बताया।

शपथ से पहले एक्शन में आईं रेवाड़ी चेयरपर्सन विनीता पीपल

रेवाड़ी चेयरपर्सन विनीता पीपल शपथ से पहले ही एक्शन मोड में नजर आईं

करीब 1.5 किलोमीटर तक स्वीपिंग मशीन के साथ चलकर सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

बोलीं- शहर में साफ-सफाई और समुचित विकास रहेगी पहली प्राथमिकता

बाजार में सफाई करती स्वीपिंग मशीन व मौजूद विनीता पीपल। - Dainik Bhaskar

रेवाड़ी नगर परिषद की नवनिर्वाचित चेयरपर्सन Vinita Peepal शपथ ग्रहण से पहले ही एक्शन मोड में दिखाई दीं। शनिवार सुबह वह अचानक घर से निकलकर अग्रसेन चौक पहुंचीं और वहां से शहर के मुख्य बाजार में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।

इस दौरान विनीता पीपल करीब डेढ़ किलोमीटर तक स्वीपिंग मशीन के साथ पैदल चलीं। खास बात यह रही कि पिछले करीब छह साल में पहली बार बाजार की सड़कों पर स्वीपिंग मशीन सफाई करती नजर आई। इससे पहले यह मशीन केवल मुख्य सड़कों तक ही सीमित रहती थी।

शनिवार को सफाई का जायजा लेती चेयरपर्सन।

चेयरपर्सन ने अग्रसेन चौक पर सफाई कर्मचारियों से बातचीत की और मशीन का रुख मुख्य बाजार की तरफ करवाया। इसके बाद वह खुद अग्रसेन चौक से मुख्य बाजार, मोती चौक, केबल बाजार होते हुए संघी का बास मोहल्ले तक पहुंचीं। इसी इलाके में उनका खुद का निवास भी है।

विनीता पीपल ने कहा कि अभी शपथ ग्रहण कार्यक्रम की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन चुनाव में शहर की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि शहर में साफ-सफाई और समुचित विकास उनकी प्राथमिकता रहेगी और इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने संकेत दिए कि नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर नियमित निगरानी की जाएगी। शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मशीनों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

चुनाव जीतने के बाद का विनीता पीपल का समर्थकों संग फाइल फोटो।

नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने विनीता पीपल को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस की तरफ से नेहारिका चौधरी चुनाव लड़ रही थीं। 13 मई को आए चुनाव परिणामों में विनीता पीपल ने नेहारिका चौधरी को 21 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था।

वहीं धारूहेड़ा में भाजपा उम्मीदवार अजय जांगड़ा ने निर्दलीय प्रत्याशी बाबूलाल लांबा को सात हजार से अधिक वोटों से मात दी थी। चुनाव परिणाम आने के करीब 10 दिन बाद भी अभी तक नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण नहीं हो पाया है।