अंडरपास निर्माण के लिए 80 अवैध निर्माण तोड़े
फरीदाबाद के मुजेसर रेलवे फाटक पर 49 करोड़ के अंडरपास निर्माण के लिए प्रशासन ने 80 अवैध निर्माण और एक धार्मिक स्थल को बुलडोजर से तोड़ दिया।
फरीदाबाद में अंडरपास निर्माण के लिए 80 अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
आशियाने टूटते देख लोगों की आंखों में आए आंसू, भारी पुलिस बल रहा तैनात
मुजेसर रेलवे फाटक पर 49 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा अंडरपास
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित मुजेसर रेलवे फाटक पर बनने वाले अंडरपास के रास्ते में आ रहे अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। शुक्रवार को हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल निर्माण निगम (HSRDC) की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए करीब 80 अवैध निर्माणों और एक धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के दौरान कई परिवार अपने आशियाने टूटते हुए देखते रहे। लोगों की आंखों में आंसू साफ दिखाई दिए। प्रशासन की टीम ने बिना किसी विरोध को तवज्जो दिए लगातार कार्रवाई जारी रखी।
जानकारी के अनुसार मुजेसर रेलवे फाटक पर करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास बनाया जाना है। इस परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 26 फरवरी 2024 को अमृत स्टेशन नवीनीकरण एवं निर्माण योजना के तहत किया था।
अंडरपास निर्माण के लिए रेलवे ट्रैक और राजमार्ग के बीच पर्याप्त जमीन नहीं थी। इसके चलते प्रशासन ने एक फैक्ट्री से अतिरिक्त भूमि भी खरीदी। अब यहां खुदाई का काम शुरू हो चुका है और बिजली, पानी व सीवर लाइन को भी शिफ्ट किया जा चुका है। विभाग जल्द ही अंडरपास की दीवारों का निर्माण शुरू करेगा।
प्रशासन के अनुसार रेलवे ट्रैक के पास एचएसवीपी की हरित पट्टी की जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से मकान बना लिए थे। यहां एक विशेष धार्मिक स्थल भी बनाया गया था, जो निर्माण कार्य में बाधा बन रहा था। विभाग ने पहले इन लोगों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अवैध निर्माण नहीं हटाए गए।
शुक्रवार सुबह HSRDC का दस्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा और दो अर्थमूवर मशीनों की मदद से कार्रवाई शुरू कर दी। शाम तक करीब 80 अवैध निर्माण तोड़ दिए गए।
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष Baljeet Kaushik और उनके समर्थकों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया था। इससे पहले बाटा रेलवे पुल के नीचे भी अवैध कब्जे हटाने के दौरान उनकी अधिकारियों के साथ बहस हो चुकी थी।
प्रशासन को आशंका थी कि कार्रवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन हो सकता है। इसी को देखते हुए कांग्रेस नेताओं और उनके साथियों को सेक्टर-22 स्थित आवास और सेक्टर-9 कांग्रेस कार्यालय में पुलिस निगरानी में रखा गया।
प्रशासन का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से राहत दिलाने के लिए यह अंडरपास बेहद जरूरी है। हालांकि जिन लोगों के मकान टूटे हैं, उनके सामने अब रहने की नई समस्या खड़ी हो गई है।
pooja